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अधिसूचनाएं


गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा आंतरिक लोकपाल की नियुक्ति

आरबीआई/2021-2022/126
केंका.उशिसंवि.पीआरएस सं.एस 874/13-01-008/2021-22

15 नवंबर 2021

अध्‍यक्ष/प्रबंध निदेशक और सीईओ
क) 10 या उससे अधिक शाखा वाले एनबीएफसी-डी
ख) 5,000 करोड और उससे अधिक परिसंपत्ति वाले एनबीएफसी-एनडी (इस निदेश के खंड 3 में दिए गए एनबीएफसीयों के अलावा)

महोदया/महोदय

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा आंतरिक लोकपाल की नियुक्ति

भारतीय रिज़र्व बैंक, इस बात से संतुष्ट होकर कि सार्वजनिक हित और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से संबंधित कारोबार आचरण के हित के लिए, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 45 (एम) के साथ पठित 45 (एल) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक के पास पंजीकृत और निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करने वाली एनबीएफसीयों को यह निदेश देता है कि, वे आंतरिक लोकपाल की नियुक्ति करें।

2. आज की तारीख को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करने वाली सभी एनबीएफसीयों को आंतरिक लोकपाल नियुक्त करना होगा:

क. 10 या उससे अधिक शाखाओं युक्त जमाराशि स्वीकार करने वाली एनबीएफसी (एनबीएफसी-डी)।

ख. 5,000 करोड़ से ज्यादा परिसंपत्ति और सार्वजनिक ग्राहक इंटरफ़ेस युक्‍त जमाराशि स्‍वीकार नहीं करने वाली एनबीएफसी (एनबीएफसी-एनडी)

3. निम्नलिखित प्रकार की एनबीएफसी पर यह निदेश लागू नहीं होगा:

क. स्टैंड-अलोन प्राथमिक डीलर;

ख. गैर-बैंकिंग वित्तीय कं‍पनियां - इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी-आईएफसी);

ग. कोर निवेश कंपनी (सीआईसी);

घ. इन्फ्रास्ट्रक्चर डेट फंड – गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (आईडीएफ-एनबीएफसी);

ङ. गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - अकाउंट एग्रीगेटर (एनबीएफसी-एए)

च. कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रियाधीन एनबीएफसी;

छ. एनबीएफसी जो परिसमापन के अधीन है;

ज. केवल कैप्टिव ग्राहक वाली एनबीएफसी।

4. एनबीएफसी को इन निदेशों के प्रावधानों का अनुपालन निम्नानुसार करना होगा:

क) आज की तारीख के अनुसार मानदंड (उक्‍त खंड 2) को पूरा करने वाली एनबीएफसी - छ: महीनों के भीतर;

ख) इस निदेश के जारी होने के बाद मानदंडों को पूरा करने वाली एनबीएफसी और इस निदेश के जारी होने बाद परिचालन शुरू करने वाली एनबीएफसी - निर्दिष्ट मानदंड प्राप्त करने के छ: महीनों के भीतर, जो लागू हो।

5. इस निदेश के दायरे में आने वाली कोई भी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी, दायरे (उक्‍त खंड 2) में आने के पश्चात तीन साल तक की अवधि के लिए आंतरिक लोकपाल के पद को बरकरार रखेंगे। यदि पदधारी आंतरिक लोकपाल का कार्यकाल इस तीन साल की अवधि से पहले समाप्त हो जाता है, तो एनबीएफसी, आरबीआई के पूर्व अनुमोदन से एक नया आंतरिक लोकपाल की नियुक्त न कर सकता है।

6. आंतरिक लोकपाल की नियुक्ति:

(क) आंतरिक लोकपाल के रूप में नियुक्त किए जाने वाले व्यक्ति को निम्‍नलिखित पूर्वापेक्षाएं पूरी करनी होंगी:

  1. वह व्यक्ति सेवानिवृत्त या एक सेवारत अधिकारी होगा, जो किसी भी वित्तीय क्षेत्र के विनियमित संस्था/किसी अन्य एनबीएफसी/बैंक में उप महाप्रबंधक या समकक्ष के पद का हो और गैर-बैंकिंग वित्त, बैंकिंग, वित्तीय क्षेत्र के विनियमन या पर्यवेक्षण, या उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में निपुण और कम से कम सात साल के कार्यानुभव युक्‍त हो।

  2. आंतरिक लोकपाल के रूप में नियुक्त होनेवाला व्यक्ति, एनबीएफसी जिस ग्रुप1 के अंतर्गत है, उसके अधीन के एनबीएफसी/कंपनियों में कार्य किया हुआ/वर्तमान में कार्यरत नहीं होना चाहिए।

  3. आंतरिक लोकपाल के रूप में नियुक्त व्यक्ति की आयु आंतरिक लोकपाल के पूरे कार्यकाल के दौरान किसी भी समय 70 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

(ख) एनबीएफसी को प्राप्त शिकायतों की संख्या/शाखा नेटवर्क के आधार पर एक से अधिक आंतरिक लोकपाल नियुक्त कर सकता है। ऐसे मामले में, प्रत्येक आंतरिक लोकपाल के क्षेत्राधिकार को एनबीएफसी द्वारा परिभाषित करेगा।

(ग) प्रधान नोडल अधिकारी/नोडल अधिकारी, जो आरबीआई लोकपाल के कार्यालयों के साथ संपर्क करते हैं या एनबीएफसी का कोई अन्य अधिकारी, आंतरिक लोकपाल के रूप में या इसके विपरीततया कार्य नहीं करेंगे।

7. आंतरिक लोकपाल का कार्यकाल: आंतरिक लोकपाल का कार्यकाल निश्चित अवधि के लिए होगा जो तीन साल से कम और पांच साल से अधिक नहीं होगा और इसे नियुक्ति पत्र में दर्शाया जाएगा। आंतरिक लोकपाल उसी एनबीएफसी में पुनर्नियुक्त या कार्यकाल के विस्तार के लिए पात्र नहीं होगा।

क) एनबीएफसी द्वारा पदधारी आंतरिक लोकपाल के कार्यकाल की समाप्ति से पहले ही उस रिक्ति को भरने हेतु नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दिया जाना चाहिए, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आंतरिक लोकपाल का पद किसी भी समय रिक्त न रहे।

ख) रिज़र्व बैंक के स्पष्ट अनुमोदन के बिना निर्धारित अवधि से पहले आंतरिक लोकपाल को हटाया नहीं जा सकता। यदि रिक्ति, एनबीएफसी के नियंत्रण से बाहर के कारणों से उत्पन्न होती है (जैसे मृत्यु, इस्तीफा, अक्षमता, लाइलाज बीमारी, आदि), तो खंड 6 में दर्शाए गए नियुक्ति की प्रक्रिया का पालन करते हुए एनबीएफसी एक नया आंतरिक लोकपाल की नियुक्ति, उक्‍त पद के रिक्त होने की तारीख से तीन महीने के भीतर करेगा।

8. आंतरिक लोकपाल के कार्यालय का सचिवालय और उसकी लागत: एनबीएफसी आंतरिक लोकपाल के कार्यालय में अपने अधिकारियों और/या अन्य कर्मचारियों की इतनी संख्या में प्रतिनियुक्ति करेगा और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगा जो आंतरिक लोकपाल के कार्यालय के प्रभावी कामकाज के लिए पर्याप्त हो।

क) एनबीएफसी का बोर्ड, आंतरिक लोकपाल के परिलब्धियों/सुविधाएं/लाभ को तय करेगा, जो एनबीएफसी के शिकायत निवारण तंत्र के शीर्ष पर नियुक्त आंतरिक लोकपाल का महत्व और पद को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त होना चाहिए, और अपेक्षित विशेषज्ञता वाले अनुभवी व्यक्ति को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त हो।

ख) आंतरिक लोकपाल की परिलब्धियां/सुविधाएं/लाभ, एक बार निर्धारित हो जाने के बाद, उसके कार्यकाल की अवधि के दौरान नहीं बदला जाएगा।

9. आंतरिक लोकपाल की भूमिका और दायित्व: आंतरिक लोकपाल केवल उन शिकायतों का निपटान करेगा जो एनबीएफसी द्वारा पहले जांच की जा चुकी है और आंशिक या पूर्ण रूप से खारिज कर दी गई है। दूसरे शब्दों में, आंतरिक लोकपाल ग्राहकों या जनता से सीधे प्राप्त शिकायतों का निपटान नहीं करेगा।

क) निम्नलिखित प्रकार की शिकायतें इन निदेशों के दायरे से बाहर होंगी और इन्हें आंतरिक लोकपाल इसका निवारण नहीं करेगा:

  1. धोखाधड़ी, गबन आदि से संबंधित शिकायतें, जो एनबीएफसी की ओर से सेवा में कमी के परिणामस्वरूप होने वाली शिकायतों के अलावा है;

  2. (क) आंतरिक प्रशासन, (ख) मानव संसाधन, (ग) स्टाफ के वेतन और परिलब्धियों से संबंधित शिकायतें/संदर्भ;

  3. सुझाव की प्रकृति के और एनबीएफसी के वाणिज्यिक निर्णय से संबंधित संदर्भ;

  4. उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, न्यायालय आदि अन्य मंच में निर्णय लिया गया या लंबित शिकायतें।

ख) योजना के दायरे से बाहर की शिकायतों को आंतरिक लोकपाल द्वारा तुरंत एनबीएफसी को वापस भेजा जाएगा।

ग) आंतरिक लोकपाल, एनबीएफसी के पास उपलब्ध रिकार्ड के आधार पर शिकायतों की जांच करेगा, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत किए गए किसी भी दस्तावेज़, और एनबीएफसी द्वारा आंतरिक लोकपाल के विशिष्ट प्रश्नों के लिए दी गई टिप्पणियों/स्पष्टीकरण शामिल हैं। आंतरिक लोकपाल, शिकायतकर्ता से एनबीएफसी के माध्यम से अतिरिक्त जानकारी मांग सकता है।

घ) एनबीएफसी ग्राहकों की शिकायतों के त्वरित निवारण/समाधान करने के लिए आंतरिक लोकपाल द्वारा मांगे गए सभी रिकार्ड/दस्तावेज प्रस्तुत करेगा।

ङ) आंतरिक लोकपाल एनबीएफसी के संबंधित पदाधिकारियों/विभागों के साथ बैठकें आयोजित कर सकता है और शिकायत/निर्णय की जांच के लिए एनबीएफसी के पास उपलब्ध किसी भी आवश्यक रिकार्ड/दस्तावेज की मांग सकता है।

च) आंतरिक लोकपाल एनबीएफसी के खिलाफ प्राप्त सभी शिकायतों के पैटर्न जैसे कि उत्पाद-वार, श्रेणी-वार, उपभोक्ता समूह-वार, भौगोलिक स्थान-वार आदि का विश्लेषण समय-समय पर करेगा और नीतिगत कार्रवाई हेतु, यदि आवश्यक है तो एनबीएफसी को सुझाव देगा।

छ) विधि मामलों में किसी न्यायालय या अन्‍य कोई मंच या प्राधिकरण के समक्ष एनबीएफसी का प्रतिनिधित्व आंतरिक लोकपाल द्वारा नहीं करेगा।

ज) आंतरिक लोकपाल एनबीएफसी के प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यकारी अधिकारी को प्रशासनिक रूप से और बोर्ड को कार्यात्मक रूप से रिपोर्ट करेगा।

10. एनबीएफसी द्वारा आंतरिक लोकपाल को अग्रेषित शिकायतों के संबंध में एनबीएफसी के लिए प्रक्रियात्मक दिशानिर्देश: एनबीएफसी अपने बोर्ड द्वारा अनुमोदित एक मानक परिचालन प्रक्रिया तैयार करेगा और एनबीएफसी के आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र द्वारा आंशिक या पूर्ण रूप से खारिज की गई सभी शिकायतों पर अंतिम निर्णय के लिए आंतरिक लोकपाल को स्वतः अग्रेषित करने की एक प्रणाली स्थापित करेगा।

क) एनबीएफसी ऐसी सभी शिकायतों को उसकी प्राप्ति की तारीख से तीन सप्ताह के भीतर आंतरिक लोकपाल को आंतरिक रूप से अग्रेषित करेगा। आंतरिक लोकपाल और एनबीएफसी यह सुनिश्चित करेंगे कि एनबीएफसी को शिकायत की प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को अंतिम निर्णय की सूचना दी गई है।

ख) यदि एनबीएफसी के पास शिकायत प्रबंध सॉफ्टवेयर है, तो वह आंतरिक लोकपाल को उस सिस्टम का रीड-ओनली ऐक्‍सेस प्रदान करेगा और आंतरिक लोकपाल के निर्णय को उसमें अपलोड करने हेतु सक्षम करेगा।

ग) आंतरिक लोकपाल के पास रिज़र्व बैंक की शिकायत प्रबंध प्रणाली का रीड-ओनली एक्सेस भी होगा, ताकि वह निम्नलिखित पर नज़र रख सके: (क) आरबीआई लोकपाल के कार्यालयों द्वारा अग्रेषित मामले, (ख) आरबीआई लोकपाल के निर्णय, और (ग) जहां लागू हो, आरबीआई लोकपाल योजना के तहत अपीलीय प्राधिकारी का निर्णय।

घ) आंतरिक लोकपाल का निर्णय एनबीएफसी पर बाध्यकारी होगा, उन मामलों को छोड़कर जहां एनबीएफसी ने उप-खंड 10(च) में बताए गए प्रक्रिया के अनुसार आंतरिक लोकपाल के निर्णय से असहमत होने के लिए अनुमोदन प्राप्त किया है।

ङ) यदि आंतरिक लोकपाल शिकायत को खारिज करने/आंशिक रूप से खारिज करने के एनबीएफसी के निर्णय को बरकरार रखता है, तो ग्राहक को प्रेषित जवाब में स्पष्ट रूप से इस तथ्य का उल्लेख होना चाहिए कि आंतरिक लोकपाल द्वारा शिकायत की जांच की गई है और पत्र में बताए गए कारणों से एनबीएफसी के निर्णय को बरकरार रखा गया है।

च) यदि आंतरिक लोकपाल शिकायत को खारिज करने/आंशिक रूप से खारिज करने के एनबीएफसी के निर्णय को नामंजूर कर देता है, तो एनबीएफसी अपने कार्यकारी निदेशक/प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुमोदन से आंतरिक लोकपाल के निर्णय से असहमत हो सकता है, जैसे लागू हो। ऐसे मामलों में, शिकायतकर्ता को प्रेषित जवाब में स्पष्ट रूप से इस तथ्य का उल्लेख किया जाना चाहिए कि शिकायत की जांच आंतरिक लोकपाल ने किया था और एनबीएफसी के निर्णय को आंतरिक लोकपाल द्वारा शिकायतकर्ता के पक्ष में नामंजूर कर दिया गया था; तथापि, प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुमोदन से, आंतरिक लोकपाल के निर्णय से एनबीएफसी असहमत है। ऐसे सभी मामलों की समीक्षा एनबीएफसी के बोर्ड द्वारा तिमाही आधार पर की जाएगी।

छ) आंतरिक लोकपाल द्वारा जांच करने के बाद भी शिकायत को पूरी तरह या आंशिक रूप से खारिज कर दी जाती है तो, एनबीएफसी अनिवार्य रूप से शिकायतकर्ता के उत्तर में यह सूचित करें कि अपनी शिकायत निवारण के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक लोकपाल से अपनी शिकायत के पूर्ण विवरण के साथ संपर्क कर सकता है (यदि शिकायत आरबीआई लोकपाल प्रणाली के अंतर्गत आती है तो)। ग्राहक शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने के लिए रिज़र्व बैंक के पोर्टल (cms.rbi.org.in) के लिंक की सूचना भी उत्तर में शामिल की जानी चाहिए।

ज) एनबीएफसी अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों/सम्मेलनों में आंतरिक लोकपाल द्वारा निपटाई गई शिकायतों के विश्लेषण का उपयोग, फ्रंटलाइन स्टाफ के बीच अन्य बातों के साथ-साथ एनबीएफसी में प्राप्त होने वाली शिकायतों के स्वरूप, उनके मूल कारणों, उपचारात्मक उपायों और फ्रंटलाइन स्टाफ की ओर से अपेक्षित कार्रवाई के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए करेगा। जहां आवश्यक हो, आंतरिक लोकपाल को ऐसे प्रशिक्षणों में शामिल भी किया जा सकता है।

झ) आंतरिक लोकपाल के कार्यनिष्‍पादन का अवलोकन करते समय, लंबित मामलों आदि की स्थिति के अलावा, एनबीएफसी उन मामलों की संख्या पर भी विचार करेगा जहां आंतरिक लोकपाल के निर्णयों और बाद में आरबीआई लोकपाल द्वारा दिए गए निर्णयों के बीच महत्वपूर्ण अंतर पाए गए थे।

ञ) संस्था (सभी शाखाओं और प्रशासनिक कार्यालयों) में आंतरिक लोकपाल की नियुक्ति के बारे में सूचित करते हुए, एनबीएफसी अपने कर्मचारियों के बीच आंतरिक लोकपाल की भूमिका के संबंध में दिशा-निर्देशों/निदेशों का प्रसार करेगा।

ट) एनबीएफसी सार्वजनिक डोमेन में आंतरिक लोकपाल के संपर्क विवरण प्रदान नहीं करेगा क्योंकि आंतरिक लोकपाल ग्राहकों से सीधे प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करेगा।

ठ) एनबीएफसी द्वारा जब आरबीआई लोकपाल के कार्यालय को अपना जवाब/दस्‍तावेज़ प्रस्तुत करते समय आंतरिक लोकपाल के निर्णय को भी अनिवार्य रूप से उसमें शामिल किरेगा।

ड) शिकायतकर्ता द्वारा आरबीआई लोकपाल के पास शिकायत दर्ज करते समय एनबीएफसी के समक्ष आंतरिक लोकपाल का निर्णय उपलब्ध नहीं है, तो एनबीएफसी, अपने आंतरिक लोकपाल के विचार प्राप्त करेगा और उसे आरबीआई लोकपाल के कार्यालय में प्रस्तुत दस्तावेजों के साथ शामिल करेगा।

ढ) आंतरिक लोकपाल एनबीएफसी के मुख्‍यालय/कार्पोरेट कार्यालय से कार्य करेगा।

11. आरबीआई को रिपोर्टिंग: एनबीएफसी भारतीय रिज़र्व बैंक को निम्‍नलिखित जानकारी प्रस्तुत करने की आवधिक रिपोर्टिंग प्रणाली स्थापित करेगा:

क) तिमाही आधार पर, प्राप्त शिकायतों की कुल संख्या, आंशिक या पूर्ण रूप से खारिज शिकायतों की संख्या और आंतरिक लोकपाल को अग्रेषित शिकायतों की संख्या, तिमाही की समाप्ति के 15 दिनों के भीतर प्रेषित की जाए;

ख) वार्षिक आधार पर:

  1. मामलों की संख्या जहां आंतरिक लोकपाल के निर्णय को अस्वीकार किया गया है (प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुमोदन से), रिपोर्ट को 15 अप्रैल तक प्रस्‍तुत करें; और

  2. आंतरिक लोकपाल द्वारा बंद किए गए मामलों की संख्या, और उन मामलों की अवधि-वार संख्या जहां एनबीएफसी ने अभी तक आंतरिक लोकपाल के निर्णय को कार्यान्‍वय‍ित नहीं किया है, रिपोर्ट को 15 अप्रैल तक प्रस्‍तुत करें।

रिपोर्टिंग प्रारूप अनुबंध में दिया गया है।

ग) आंतरिक लोकपाल की नियुक्ति के पांच कार्य दिवसों के भीतर, मुख्य महाप्रबंधक, उपभोक्ता शिक्षण और संरक्षण विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक, केंद्रीय कार्यालय, पहली मंजिल, अमर भवन, सर पीएम रोड, मुंबई - 400 001 (ईमेल: cgmcepd@rbi.org.in) को निम्नलिखित प्रारूप में आंतरिक लोकपाल का विवरण एनबीएफसी द्वारा प्रस्तुत करेगा।

  1. आंतरिक लोकपाल का नाम;

  2. धारित अंतिम पदनाम का विवरण/संस्था का नाम:

  3. नियुक्ति की तारीख और अवधि:

  4. संक्षिप्त पेशेवर प्रोफ़ाइल, जिसमें वित्तीय सेवाओं के पिछले अनुभव भी शामिल हैं; तथा

  5. संपर्क विवरण, अर्थात पता, फोन/फैक्स नंबर, ईमेल पता, आदि।

12. बोर्ड की निगरानी: आंतरिक लोकपाल द्वारा एनबीएफसी के बोर्ड को आवधिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, जैसा कि उसके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए, अधिमानतः तिमाही अंतराल पर, लेकिन कम से कम अर्धवार्षिक आधार पर।

13. लेखा परीक्षा: एनबीएफसी की आंतरिक लेखापरीक्षा में इन निदेशों का कार्यान्वयन को शामिल करेगा।

क) लेखापरीक्षा में अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित से संबंधित पहलुओं को शामिल किया जाएगा:

  1. आंतरिक लोकपाल को उपलब्ध कराए गए बुनियादी ढांचा (जगह, आईटी इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर, मानव संसाधन आदि)

  2. निदेशों में निर्धारित किए गए विविध समय-सीमा का अनुपालन;

  3. शिकायतों के निवारण हेतु आंतरिक लोकपाल को एनबीएफसी द्वारा दी जाने वाली सहायता (खंड 9 (ग) और (घ) के संदर्भ में)

ख) आंतरिक लोकपाल द्वारा लिए गए निर्णयों की शुद्धता का मूल्यांकन आंतरिक लेखापरीक्षा के दायरे में नहीं होगा।

14. पर्यवेक्षी निगरानी: ग्राहक सेवा और ग्राहक शिकायत निवारण से संबंधित क्षेत्र, साथ ही इन निदेशों का कार्यान्वयन, रिज़र्व बैंक द्वारा किए गए जोखिम मूल्यांकन और पर्यवेक्षी समीक्षा का एक हिस्सा होगा। इसके अलावा, एनबीएफसी के आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए और सुधारात्मक कार्रवाई जैसे कि वह उचित समझे, शुरू करने के लिए, रिज़र्व बैंक उन मामलों की समीक्षा करेगा जहां एनबीएफसी द्वारा आंतरिक लोकपाल के निर्णय को स्वीकार नहीं किया है और पीड़ित ग्राहक आरबीआई लोकपाल के पास अपनी शिकायत दर्ज करता है।

भवदीया

(रंजना सहजवाला)
मुख्‍य महाप्रबंधक


1 दिनांक 01 सितंबर 2016 के मास्टर निदेश - गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण जमाराशि स्वीकार नहीं करने वाली कंपनी और जमाराशि स्‍वीकार करने वाली कंपनी (रिज़र्व बैंक) निदेश, 2016 के खंड 3(iv) में परिभाषित किए गए के अनुसार।

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