बैंकिंग प्रणाली का विनियामक

बैंक राष्‍ट्रीय वित्‍तीय प्रणाली की नींव होते हैं। बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा एवं सुदृढता को सुनिश्चित करने और वित्‍तीय स्थिरता को बनाए रखने तथा इस प्रणाली के प्रति जनता में विश्‍वास जगाने में केंद्रीय बैंक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

भाषण


मई 18, 2026
बढ़ी हुई अनिश्चितता के समय में मौद्रिक नीति- हस्तक्षेप का प्रतिलेख - श्री संजय मल्होत्रा 415.00 kb
अप्रैल 20, 2026
भारत की विकास यात्रा और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में आरबीआई की भूमिका - श्री संजय मल्होत्रा 221.00 kb
मार्च 10, 2026
समावेशी वित्त और स्थिरता के लिए डिजिटलीकरण: अगले चरण की प्राथमिकताएं - श्री स्वामीनाथन जे. 202.00 kb
फरवरी 11, 2026
कार्यों में नैतिकताः एक मजबूत संस्था का निर्माण - श्री स्वामीनाथन जे. 432.00 kb
जनवरी 09, 2026
विनियमन और पर्यवेक्षण - डिजिटल युग को अपनाना - श्री संजय मल्होत्रा 241.00 kb
दिसंबर 01, 2025
पिच को परखना: लंबी पारी के लिए बैंकिंग रणनीतियाँ - श्री स्वामीनाथन जे 264.00 kb
नवंबर 28, 2025
छोटे उपाय, महती गति: विकसित भारत के लिए सूक्ष्म वित्त - श्री स्वामीनाथन जे 265.00 kb
नवंबर 26, 2025
प्रखर नीति निर्माण के लिए समयबद्ध और प्रासंगिक सांख्यिकी - डॉ. पूनम गुप्ता 300.00 kb
नवंबर 20, 2025
आरबीआई द्वारा विनियमनः कुछ विचार - श्री संजय मल्होत्रा 292.00 kb
नवंबर 11, 2025
जहां अभिशासन की मंशा मजबूत है, वहां विनियामक अंतराल और ओवरलैप फीके पड़ जाते हैं - श्री स्वामीनाथन जे. 235.00 kb
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