वित्तीय बाजार

सुचारू ढ़ंग से कार्य करने वाले, चलनिधि युक्त और लचीले वित्तीय बाजार मौद्रिक नीति अंतरण और भारत के विकास के वित्तपोषण में अपरिहार्य जोखिमों के आवंटन और अवशोषण में सहायता करते हैं।

भाषण


अगस्त 31, 2021
31 अगस्त 2021 को 21वें एफआईएमएमडिए-पीडीएआई (FIMMDA-PDA) वार्षिक सम्मेलन में मुख्य भाषण - श्री शक्तिकांत दास, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक 204.00 kb
सितंबर 05, 2019
20 वाँ फिम्डा-पीडीएआई वार्षिक सम्मेलन - बी.पी.कानूनगो 192.00 kb
अगस्त 19, 2019
वित्तीय स्थिरता के मार्ग में उभरती चुनौतियाँ - शक्तिकान्त दास 188.00 kb
जुलाई 26, 2019
पुस्तक विमोचन पर गवर्नर महोदय की टिप्पणी - शक्तिकान्त दास 162.00 kb
जून 29, 2019
व्यवहार्य वित्तीय बाज़ारों का विकास – भारतीय अनुभव – विरल वी. आचार्य 834.00 kb
जनवरी 15, 2018
बैंकों में ब्याज दर जोखिम को समझना और प्रबंध करना - विरल आचार्य 605.00 kb
अगस्त 26, 2016
हमारे कर्ज बाजारों को मजबूती प्रदान करना - रघुराम जी राजन 189.00 kb
अप्रैल 19, 2016
भारतीय कर्जबाजार 2020:आधार और भावी दिशा- हारून आर खान 151.00 kb
अगस्त 25, 2015
भारत में वित्तीय बाज़ार विनियमन – अतीत एवं भावी दृष्टि– हारून आर.खान 237.00 kb
अगस्त 12, 2015
आधारभूत संरचना के लिए वित्तीयन : वर्तमान मुद्दे एवं उभरती चुनौतियां – हारून आर. खान 141.00 kb
2022
2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
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2012
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