अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


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गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - सूक्ष्म वित्त संस्थान (NBFC-MFIs)

(12 अक्तूबर 2017 को अद्यतन किया गया)

प्रश्न 1. एनबीएफसी-एमएफआई के रूप में पंजीकृत कराने के लिए किन-किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?

उत्तर. भारतीय रिज़र्व बैंक से पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन से संबंधित जांचसूची आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है : www.rbi.org.in → Regulation → Non-Banking → Forms → Documents required for registration of NBFC-MFI – New Companies and Documents required for registration of NBFC-MFI (Existing NBFCs)। उल्लिखित जांच सूची केवल सांकेतिक है न कि संपूर्ण। एनबीएफसी-एमएफआई के रूप में पंजीकृत कराने के लिए पात्रता को संतुष्ट करने के लिए बैंक आवश्यकता पड़ने पर उनसे अन्य कोई दस्तावेज भी मंगा सकता है।

प्रश्न 2. यदि कोई एनबीएफसी एनबीएफसी-एमएफआई के रूप में पंजीकृत नहीं है तो उस पर क्या सीमाएं हैं?

उत्तर. ऐसी एनबीएफसी अपनी कुल आस्तियों के 10% से अधिक वैसे ऋण नहीं दे सकती है जिन्हें निदेशों में "अर्हत आस्तियों" के रूप में परिभाषित किया गया है।

प्रश्न 3. एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा शेष 15% आस्तियों के लिए क्या प्रतिबंध है?

उत्तर. नहीं, कोई विशिष्ट प्रतिबंध नहीं हैं। हालांकि, एनबीएफसी-एमएफआई को ऐसे ऋणों के नियमों और शर्तों के लिए एनबीएफसी के लिए सामान्य तौर पर जारी दिशा निर्देशों का पालन किया जाना आवश्यक है।

प्रश्न 4. क्या निदेशों में उल्लिखित मूल्य निर्धारण दिशा निर्देश गैर-अर्हत आस्तियों पर लागू हैं?

उत्तर. अंतर मानदंडों सहित मूल्य निर्धारण दिशा निर्देश गैर-अर्हत आस्तियों पर लागू नहीं हैं।

प्रश्न 5. छोटी राशि (लगभग 50000) के नवीकरण/ गृह सुधार ऋण को क्या अर्हत आस्तियों में शामिल किया जा सकता है?

उत्तर. गृह ऋण में आमतौर पर आवासीय इकाई बंधक होती है। यदि संपार्श्विक मुक्त ऋण सहित अर्हत आस्तियों पर लागू सभी शर्ते पूरी होती है और कम से कम ऋण का 50% हिस्सा आय उपार्जन उद्देश्य के लिए हो तो इन्हें अर्हत आस्तियों के रूप में माना जा सकता है।

प्रश्न 6. क्या एनबीएफसी-एमएफआई व्यक्तिगत उपयोग/ आपात स्थितियों के लिए धन उधार दे सकते हैं?

उत्तर. ऋणों की कुल राशि का एक भाग (अर्थात अधिकतम 50 प्रतिशत) गृह मरम्मत कराने, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य आपात स्थितियों जैसे अन्य उद्देश्यों के लिए ऋण देने में लगाया जा सकता है । तथापि आय उपार्जन के लिए दिए गए ऋणों की कुल राशि एनबीएफसी-एमएफआई के कुल ऋण का कम से कम 50 प्रतिशत होना चाहिए।

प्रश्न 7. 'ऋण का मूल्य निर्धारण' संबंधी दिशा निर्देशों के तहत बताए गए निधि की लागत प्राप्त करने के उद्देश्य से किन घटकों पर विचार किया जाएगा?

उत्तर. निधि की लागत में निम्नलिखित घटकों को शामिल किया जाएगाः

i. ब्याज भुगतान पर होने वाले व्यय

ii. सेवा कर सहित प्रसंस्करण शुल्क (मासिक परिशोधित)

iii. स्टैंप ड्यूटी शुल्क (मासिक परिशोधित)

iv. डीडी शुल्क (मासिक परिशोधित)

v. जमानती जमा राशि पर अर्जित ब्याज को घटाकर

प्रश्न 8. क्या उधारकर्ता बैंक से प्राप्त ऋण की निवल राशि (अर्थात जमा के रूप में उधार राशि के एक निश्चित अनुपात में रखी संपार्श्विक नकदी घटाकर बची ऋण राशि) को निधियों के लागत की गणना के लिए भाजक के रूप में उपयोग किया जा सकता है?

उत्तर. एनबीएफसी-एमएफआई को निधियों की लागत की गणना के लिए भाजक प्राप्त करने के लिए कुल उधार राशि से संपार्श्विक नकदी की राशि को घटाने की अनुमति नहीं दी गई है।

प्रश्न 9. क्या एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा आवक (अर्थात एमएफआई उधारकर्ता से प्राप्त) तथा जावक शुल्क (उधारदाताओं को चुकाया गया) दोनों प्रक्रिया शुल्क को परिशोधित किया जा सकता है?

उत्तर. प्रक्रिया शुल्क को उसी लेखांकन अवधि में दर्ज किया जाना चाहिए जिसमें इनका भुगतान / प्राप्त हुआ है और इसके परिशोधन की अनुमति नही है।

प्रश्न 10. एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा अपने ग्राहकों पर लगाए जाने वाले प्रक्रिया शुल्क क्या-क्या हैं?

उत्तर. एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा लगाया जाना वाला प्रक्रिया शुल्क सकल ऋण राशि के 1% से अधिक नहीं होगा। प्रक्रिया शुल्क को मार्जिन सीमा में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, एनबीएफसी-एमएफआई समूह अथवा पशुधन, जीवन, स्वास्थ्य के लिए बीमा पर केवल वास्तविक व्यय की वसूली करेगी।

प्रश्न 11. क्या कोई एनबीएफसी- एमएफआई ग्राहकों से अलग-अलग ब्याज दर ले सकती है? यदि हाँ तो क्या आरबीआई ने इसपर कोई सीमा निर्धारित की है?

उत्तर. हाँ, एनबीएफसी- एमएफआई ग्राहकों से अलग-अलग ब्याज दर ले सकती है किंतु व्यक्तिगत ऋणों के मामले में न्यूनतम और अधिकतम ब्याज दर के बीच का अंतर 4 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।

प्रश्न 12. वह कौन-कौन से शुल्क हैं जो एक ग्राहक द्वारा किसी एनबीएफसी-एमएफ़आई से ऋण लेने की स्थिति में दिया जाना अपेक्षित है?

उत्तर. एक ग्राहक को यह जानना चाहिए कि ऋणों के लिए कीमत निर्धारण के तीन घटक हैं अर्थात ब्याज दर, प्रक्रिया शुल्क और बीमा प्रीमियम (जिसमें इससे संबंधित प्रशासनिक शुल्क भी शामिल है)। कोई एनबीएफसी-एमएफआई उक्त तीन प्रकार के शुल्कों के अतिरिक्त अन्य कोई शुल्क नहीं लगा सकती है।

प्रश्न 13. किसी एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा दिए गए ऋण के सम्बंध में ग्राहक को क्या-क्या ध्यान में रखना चाहिए?

उत्तर. ग्राहक को निम्नलिखित का ध्यान अवश्य रखना चाहिए-

क. एनबीएफसी-एमएफआई को अपने उधारकर्ता के साथ उचित व्यवहार संहिता में दिये हुए दिशानिर्देशों के अनुसार उचित और पारदर्शी व्यवहार करना चाहिए।

ख. “’’अर्हक आस्तियों’’” में शामिल ऋणों के संबंध में उधारकर्ता को एनबीएफसी-एमएफआई के पास किसी भी प्रकार का जमानत/मार्जिन/संपार्श्विक रखने की आवश्यकता नहीं है।

ग. उधारकर्ता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह एनबीएफसी-एमएफआई से एक ऋण कार्ड प्राप्त करे जिसमें निम्नलिखित का उल्लेख हो-

  1. लगाया गया प्रभावी ब्याज दर;

  2. ऋण से संबंधित सभी अन्य नियम एवं शर्तें;

  3. उधारकर्ता की पहचान कराने वाली पर्याप्त सूचनाएं/

  4. एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा प्राप्त किस्तों और अंतिम चुकौती सहित सभी चुकौतियों की पावती;

  5. यह कि क्या ऋण “”अर्हक आस्ति”” के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

घ. ऋण कार्ड में सभी प्रविष्टियां स्थानीय भाषा में होनी चाहिए।

ङ. ग्राहक पर वसूला जाने वाला ब्याज घटते हुए शेष राशि के आधार पर लगाया जाना चाहिए। /

च. एनबीएफसी-एमएफआई विलंब से किए गए अदायगी के लिए कोई आर्थिक दंड नहीं लगाती है।

प्रश्न 14. कोई ग्राहक एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा वर्तमान में लगाए जा रहे ब्याज दर का पता कैसे लगा सकता है?

उत्तर. आरबीआई ने एनबीएफसी-एमएफआई के लिए यह अनिवार्य किया है कि वह अपने सभी कार्यालयों, उसके द्वारा जारी सामग्रियों और वेबसाइट पर उसके द्वारा लगाए जा रहे प्रभावी ब्याज दर को प्रदर्शित करें।

प्रश्न 15. क्या कोई एनबीएफसी-एमएफआई पूर्व-भुगतान दंड लगा सकती है?

उत्तर. एनबीएफसी-एमएफआई पूर्व-भुगतान दंड नहीं लगा सकती है।

प्रश्न 16. क्या एसएचजी/जेएलजी की व्यक्तिगत सदस्यता पर और/अथवा एनबीएफसी-एमएफआई की संख्या पर, जहाँ से कोई एसएचजी/ जेएलजी/ कोई व्यक्ति ऋण ले सकता है, कोई सीमा निर्धारित की गई है?

उत्तर. कोई उधारकर्ता किसी एक ही एसएचजी/जेएलजी का सदस्य हो सकता है। वह एक एसएचजी के सदस्य के रूप में अथवा जेएलजी के सदस्य के रूप में अथवा अपनी व्यक्तिगत क्षमता पर एनबीएफसी-एमएफआई से उधार प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा, कोई भी एसएचजी अथवा जेएलजी अथवा कोई व्यक्ति दो से अधिक एनबीएफसी-एमएफआई से उधार प्राप्त नहीं कर सकता है।

प्रश्न 17. क्या किसी एनबीएफसी-एमएफआई के लिए साख सूचना कंपनी का सदस्य बनना अनिवार्य है?

उत्तर. एनबीएफसी-एमएफआई को सीआईसी विनियमन अधिनियमन 2005 के तहत स्थापित सभी साख सूचना कंपनियों (सीआईसी) की सदस्यता लेनी होती है, समय पर और सटिक आंकड़े सीआईसी को देने होते है और उनके पास उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह सुनिश्चित करना होता है कि वे एसएचजी/ जेएलजी की सदस्यता, कर्ज के स्तर और ऋणों के स्रोतों के संबंध में शर्तों को पूरा करते हैं। जहां एक ओर सीआईसी के पास उपलब्ध आंकडों की गुणवत्ता और व्यापकता को सुदृढ होने में समय लगेगा वहीं दूसरी ओर एनबीएफसी-एमएफआई को उधारकर्ताओं से स्वप्रमाणन और इन पहलुओं पर उनके जाँच पड़ताल तथा वार्षिक घरेलू आय पर निर्भर रहना पड़ेगा।

प्रश्न 18. एनबीएफसी-एमएफआई के मामले में लागू न्यूनतम अधिस्थगन अवधि क्या है?

उत्तर. ऋण के अनुदान और पहली किस्त के भुगतान की देय तिथि के बीच अधिस्थगन की एक न्यूनतम अवधि का होना आवश्यक है। यह अधिस्थगन अवधि चुकौती की आवृत्ति से कम नहीं होगी। उदाहरण के तौर पर, साप्ताहिक चुकौती के मामले में अधिस्थगन अवधि एक सप्ताह से कम की नहीं हो सकती है।

प्रश्न 19. एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा वसूली के लिए इस्तेमाल किए गए तरीकों से संबंधित अनेक समस्यायें रही हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस समस्या का हल किस प्रकार किया है?

उत्तर. कुछ एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा अपनाई गई वसूली के कथित बलपूर्वक तरीकों को संज्ञान में रखते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक ने यह अनिवार्य किया है कि एनबीएफसी-एमएफआई यह सुनिश्चित करेगी कि फील्ड स्टाफ की भर्ती, प्रशिक्षण और पर्यवेक्षण के लिए आचार संहिता और प्रणालियां लागू हों, जिसमें समय-समय पर एनबीएफसी के लिए जारी उचित व्यवहार संहिता संबंधी दिशा-निर्देशों को शामिल किया जाए । इसके अलावा, वसूली सामान्य रूप से केवल एक केंद्रीय निर्धारित स्थान पर की जानी चाहिए। फील्ड स्टाफ को उधारकर्ता के निवास स्थान या काम के स्थान पर वसूली करने की अनुमति तभी दी जाएगी, यदि उधारकर्ता दो या उससे अधिक लगातार अवसरों पर केंद्रीय नामित स्थान पर उपस्थित होने में विफल रहता है।

प्रश्न 20. क्या एनबीएफसी-एमएफआई और अन्य एनबीएफसी पर लागू होने वाले आस्ति वर्गीकरण और प्रावधान मानदंडों में अंतर है?

उत्तर. हां, "अर्हक आस्तियों" की परिभाषा के अंतर्गत आने वाली आस्तियों के लिए एनबीएफसी-एमएफआई पर लागू मानदंडों में अंतर है। एनबीएफसी-एमएफआई की ऐसी "अर्हक आस्तियों" के लिए, गैर-मानक आस्ति का अर्थ एक ऐसी आस्ति होगा जिसके लिए ब्याज/ मूल भुगतान 90 दिनों या उससे अधिक की अवधि के लिए अतिदेय बना हुआ है ।

किसी भी समय एनबीएफसी-एमएफआई के कुल ऋण प्रावधान निम्न में से जो अधिक हो, से कम नहीं होंगे : ए) बकाया ऋण पोर्टफोलियो का 1% या बी) कुल ऋण किश्तों का 50% जो 90 दिनों से अधिक और 180 दिनों से कम के लिए अतिदेय है और कुल ऋण किश्तों का 100% जो 180 दिनों या उससे अधिक के लिए अतिदेय हैं।

"अर्हक आस्ति" मानदंडों को पूरा नहीं करने वाली आस्तियों के लिए, अन्य एनबीएफसी पर लागू प्रावधान मानदंड लागू होंगे।

प्रश्न 21. एनबीएफसी-एमएफआई के लिए पूंजी पर्याप्तता की क्या अपेक्षाएं हैं?

उत्तर. सभी एनबीएफसी-एमएफआई टियर I और टियर II पूंजी को शामिल करते हुए पूंजी पर्याप्तता अनुपात इस प्रकार बनाए रखेंगे कि यह कुल जोखिम भारित आस्तियों के 15 प्रतिशत से कम नहीं हो। किसी भी समय टियर II पूंजी का कुल योग टियर-1 पूंजी के 100 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।

प्रश्न 22. क्या एनबीएफसी-एमएफआई पर ऋण संकेन्द्रण मानदंड लागू हैं?

उत्तर. नहीं, ऋण संकेन्द्रण मानदंड एनबीएफसी-एमएफआई पर लागू नहीं हैं।

प्रश्न 23. क्या पहले प्रदान किए गए एपी-आधारित पोर्टफोलियो के अतिरिक्त एनबीएफसी-एमएफआई के लिए प्रावधानीकरण और जोखिम भारिता में कोई छुट की व्यवस्था है?

उत्तर. हां, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी निधि न्यास द्वारा गारंटीकृत ऋण सुविधाओं की तर्ज पर दिए गए ऋणों को शून्य जोखिम भार प्रदान किया जाएगा और गारंटीयुक्त भाग के लिए कोई प्रावधान नहीं किया जाएगा ।

प्रश्न 24. एनबीएफसी-एमएफआई के कामकाज की निगरानी में स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) की क्या भूमिका है?

उत्तर. उद्योग संघों (इस मामले में एसआरओ) से यह अपेक्षित है कि वे सूक्ष्म वित्त (एनबीएफसी-एमएफआई) में लगे हुए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा नियमों और आचार संहिता का अनुपालन करने और एनबीएफसी-एमएफआई के ग्राहकों के सर्वोत्तम हित में कार्य करने की सुविधा उपलब्ध कराएं। उद्योग संघ/ एसआरओ में एनबीएफसी-एमएफआई की सदस्यता को व्यापार, उधारकर्ताओं और उधारदाताओं द्वारा विश्वास के प्रतीक के रूप में देखा जाएगा और सदस्यता से हटाने को ऐसे हटाए गए एनबीएफसी-एमएफआई की प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव के रूप में देखा जाएगा ।

प्रश्न 25. सूक्ष्म वित्त क्षेत्र के संबंध में किसी एसआरओ की क्या जिम्मेदारी है?

उत्तर. रिजर्व बैंक से मान्यता प्राप्त एसआरओ को आचार संहिता तैयार करने और प्रशासित करने, एनबीएफसी-एमएफआई के ग्राहकों के लिए शिकायत और विवाद निवारण तंत्र उपलब्ध कराने, उधारकर्ता संरक्षण और शिक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी, रिजर्व बैंक द्वारा लागू किए गए नियामक ढांचे के साथ एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा अनुपालन की निगरानी करने, सूक्ष्म वित्त क्षेत्र की निगरानी, सदस्यों, स्वयं सहायता समूहों आदि के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम और वार्षिक रिपोर्ट सहित अपनी वित्तीय जानकारी रिजर्व बैंक को प्रस्तुत करने जैसे कार्यों और जिम्मेदारियों का पालन करना होता है।

प्रश्न 26. क्या एनबीएफसी-एमएफआई के लिए स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) का सदस्य होना जरूरी है?

उत्तर. एसआरओ की सदस्यता अनिवार्य नहीं है। तथापि, एनबीएफसी-एमएफआई को स्वेच्छा से कम से कम एक एसआरओ का सदस्य बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ।


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