मास्टर निदेशों

जाली नोटों पर मास्टर निदेश – पहचान, रिपोर्टिंग और निगरानी

आरबीआई/2026-27/394
मुप्रवि(एफएनवीडी) सं. जी-1/16.01.05/2026-27

01 अप्रैल 2026

अध्यक्ष/ प्रबंध निदेशक/ मुख्य कार्यपालक अधिकारी
सभी बैंक

महोदया/ महोदय,

जाली नोटों पर मास्टर निदेश – पहचान, रिपोर्टिंग और निगरानी

बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए और धारा 56 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक ने समय-समय पर जाली नोटों की पहचान, रिपोर्टिंग और निगरानी के संदर्भ में बैंकों को कई दिशानिर्देश/ अनुदेश/ निर्देश जारी किए हैं।

2. इस विषय पर मौजूदा दिशानिर्देशों/ अनुदेशों/ निर्देशों को शामिल और अद्यतित करते हुए प्रस्तुत/ संलग्नित मास्टर निदेश तैयार किया गया है ताकि बैंकों को जाली नोटों पर मौजूदा अनुदेशों का संदर्भ एक ही स्थान पर प्राप्त हो सके।

3. अनुलग्नक IX में सूचीबद्ध परिपत्र और इस विषय पर पूर्व में जारी किए गए सभी मास्टर परिपत्र/ निदेश इस मास्टर निदेश के जारी होने की तिथि से वापस ले लिए जाते हैं।

भवदीया

(सुमन नाथ)
मुख्य महाप्रबंधक

संलग्नक : यथोक्त


सूची

पैरा क्र. विवरण
1. जाली नोटों को जब्त करने का अधिकार
2. जाली नोटों की पहचान
3. जाली नोटों की जब्ती
4. प्रस्तुतकर्ता को रसीद जारी करना
5. जाली नोटों की पहचान - पुलिस और अन्य निकायों को रिपोर्टिंग
6. नोडल बैंक अधिकारी को नियुक्त करना
7. काउंटरो पर जारी करने, एटीएम मशीनों में आपूर्ति और भारतीय रिज़र्व बैंक (भा.रि.बैं) निर्गम कार्यालयों को विप्रेषण करने से पूर्व बैंक नोटों की जांच करना
8 जाली नोटों का पता लगाने में सहायक उपकरणों का प्रावधान
9. बैंक के प्रधान कार्यालय में जाली नोट सतर्कता कक्ष (एफएनवी कक्ष) की स्थापना
10. भारतीय रिज़र्व बैंक/ एनसीआरबी/ एफआईयू-आईएनडी को आंकड़ों की रिपोर्टिंग
11. दंडात्मक प्रावधान
12 पुलिस प्राधिकरण से प्राप्त जाली नोटों का परिरक्षण
13. जाली नोटों का पता लगाना - स्टाफ प्रशिक्षण
अनुलग्नक
अनुलग्नक I जाली बैंकनोट स्टैम्प
अनुलग्नक II जाली नोट निविदाकर्ता को जारी की जाने वाली पावती रसीद
अनुलग्नक III पुलिस को समेकित मासिक रिपोर्ट
अनुलग्नक IV पुलिस को एफआईआर हेतु अनुरोध
अनुलग्नक V एफएनवी कक्ष की गतिविधियों पर रिपोर्ट - मार्च/ सितंबर को समाप्त छमाही
अनुलग्नक VI जाली नोट सतर्कता कक्ष (एफएनवी कक्ष) का भा.रि.बैं. को विवरण
अनुलग्नक VII जाली नोटों पर भा.रि.बैं के निर्गम कार्यालय को मासिक रिपोर्ट
अनुलग्नक VIII भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 1967 से जारी किए गए नोटों के डिजाइन
अनुलग्नक IX वापस लिए गए परिपत्रों/ मास्टर निदेशों/ मास्टर परिपत्रों की सूची

जाली नोटों पर मास्टर निदेश – पहचान, रिपोर्टिंग और निगरानी

बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 35ए और धारा 56 द्वारा प्रदत अधिकारों का प्रयोग करते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक (भा.रि.बैं.) द्वारा इस बात से संतुष्ट होकर कि जनहित में यह अपरिहार्य और आवश्यक है, एतद् द्वारा जाली नोटों1 पर विनिर्दिष्ट निदेश जारी किया जा रहा है।

1. जाली नोटों को जब्त करने का अधिकार

जाली नोट निम्नलिखित द्वारा जब्त किए जा सकते हैं:

(i) सभी बैंक

(ii) भा.रि.बैं. के सभी निर्गम कार्यालय

2. जाली नोटों की पहचान

2.1 काउंटर पर प्रस्तुत किए गए बैंक नोटों की प्रामाणिकता का परीक्षण मशीनों द्वारा किया जाएगा। इसी प्रकार से, बैक ऑफिस/ मुद्रा तिजोरी में थोक निविदा के माध्यम से प्राप्त बैंक नोट की जांच भी मशीनों से की जाएगी।

2.2 काउंटर पर प्राप्त नोटों में या बैक ऑफिस/ मुद्रा तिजोरी में पाए गए जाली नोट, यदि कोई है, ग्राहक के खाते में जमा नहीं किया जाएगा।

2.3 किसी भी स्थिति में, जाली नोटों को प्रस्तुतकर्ता को वापस नहीं लौटाया जाएगा अथवा बैंक शाखाओं द्वारा नष्ट नहीं किया जाएगा। बैंकों के स्तर पर पता लगे जाली नोटों की जब्ती में असफलता को संबंधित बैंक की जाली नोटों के संचलन में इरादतन संलिप्तता मानी जाएगी और उन पर दण्ड लगाया जाएगा।

3. जाली नोटों की जब्ती

जाली नोट के रुप में वर्गीकृत नोटों पर "जाली नोट" स्टैम्प अंकित कर उन्हें निर्धारित प्रारूप (अनुलग्नक I) में जब्त किया जाएगा। इस प्रकार से जब्त प्रत्येक नोट का विवरण एक अलग रजिस्टर में सत्यापन के साथ दर्ज किया जाएगा।

4. प्रस्तुतकर्ता को रसीद जारी करना

यदि बैंक शाखा के काउंटर/ बैक ऑफिस/ मुद्रा तिजोरी में प्रस्तुत बैंकनोट जाली पाये जाते हैं, तो उक्त पैरा 3 के अनुसार नोट पर स्टैम्प लगाने के पश्चात निविदाकर्ता को निर्धारित प्रारूप (अनुलग्नक II) के अनुसार प्राप्ति सूचना रसीद जारी की जाएगी । उक्त रसीद, चालू क्रमांक में, खजांची और जमाकर्ता द्वारा सत्यापित की जाएगी । आम जनता की जानकारी के लिए इस आशय का नोटिस कार्यालयों/ शाखाओं मे प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। जहां निविदाकर्ता संबंधित रसीद पर प्रतिहस्ताक्षर करने के लिए इच्छुक नहीं है, ऐसे मामलों में भी प्राप्ति सूचना रसीद जारी की जाएगी।

5. जाली नोटों की पहचान - पुलिस और अन्य निकायों को रिपोर्टिंग

पुलिस को जाली नोट के घटना की रिपोर्टिंग करते समय, निम्नलिखित प्रक्रिया का अनुपालन किया जाएगा:

5.1 एक ही लेन-देन में चार (04) अथवा इससे कम संख्या तक जाली नोटों की पहचान के मामलों में, नोडल अधिकारी द्वारा स्थानीय पुलिस प्राधिकरण या नोडल पुलिस स्टेशन को माह की समाप्ति पर जाली नोटों के साथ निर्धारित प्रारूप (अनुलग्नक III) में एक समेकित रिपोर्ट भेजी जाएगी। नोडल पुलिस स्टेशन की सूची भा.रि.बैं. के संबंधित निर्गम कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

5.2 एक ही लेन-देन में पाँच (05) या उससे अधिक संख्या में जाली नोटों की पहचान के मामलों में, नोडल बैंक अधिकारी द्वारा तुरंत उन जाली नोटों को, निर्धारित प्रारूप में (अनुलग्नक IV) एफआईआर दर्ज करते हुए जांच के लिए स्थानीय पुलिस प्राधिकरण या नोडल पुलिस स्टेशन को अग्रेषित किये जाएंगे।

5.3 मासिक समेकित रिपोर्ट/ एफआईआर की प्रति बैंक के प्रधान कार्यालय में गठित किए गए जाली नोट सतर्कता कक्ष (एफएनवी कक्ष) को प्रेषित की जाएगी।

5.4 संबंधित पुलिस प्राधिकारियों से उनको अग्रेषित जाली नोटों (मासिक समेकित रिपोर्ट और एफआईआर दर्ज करने हेतु) की पावती प्राप्त की जाएगी। यदि जाली नोट पुलिस को बीमाकृत डाक द्वारा भेजे गए हैं तो उनकी प्राप्ति-सूचना अनिवार्य रूप से ली जाएगी और उन्हें रिकार्ड में रखा जाएगा। पुलिस प्राधिकरण से प्राप्ति-सूचना प्राप्त करने के लिए उचित अनुवर्ती कार्रवाई आवश्यक है। यदि मासिक समेकित रिपोर्टों को प्राप्त करने/ एफआईआर दर्ज करने में पुलिस की अनिच्छा के कारण बैंकों को किसी भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है तो उसका निपटान जाली नोटों की जांच से संबंधित मामलों के समन्वय हेतु नामित पुलिस प्राधिकरण के नोडल अधिकारी के परामर्श से की जाएगा।

5.5 जाली नोटों के परिचालन को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों की आसानी से पहचान करने के लिए, बैंकों को सूचित किया जाता है कि वे बैंकिंग हॉल/ क्षेत्र तथा काउंटर को सीसीटीवी की निगरानी में रखें तथा रिकॉर्डिंग को उनकी आंतरिक नीति के अनुसार संरक्षित रखें।

5.6 बैंक जाली नोटों के पहचान के स्वरुप/ प्रवृत्तियों पर निगरानी रखेंगे और संदिग्ध स्वरुप/ प्रवृत्तियों को तत्काल भा.रि.बैं./ पुलिस प्राधिकारी के संज्ञान में लाएँगे।

5.7 जाली नोटों की पहचान और उक्त की सूचना पुलिस, भा.रि.बैं., आदि को देने में बैंकों द्वारा की गई प्रगति और इसकी समस्याओं पर विभिन्न राज्य स्तरीय समितियाँ अर्थात राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), मुद्रा प्रबंधन पर स्थायी समिति (एससीसीएम), राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति (एसएलएससी), आदि की बैठकों में नियमित रूप से विचार–विमर्श किया जाएगा।

5.8 बैंकों द्वारा पकड़े गए जाली नोटों के आंकड़े, नीचे पैरा 10 में दर्शाए अनुसार भा.रि.बैं. के संबंधित निर्गम कार्यालय को प्रेषित की जाने वाली मासिक विवरण में शामिल किए जाएंगे।

5.9 भारतीय न्याय संहिता, 2023 में ''जाली नोट” की परिभाषा में विदेशी सरकारी प्राधिकरण द्वारा जारी मुद्रा नोट भी शामिल हैं। पुलिस और सरकारी एजेंसियों से संदिग्ध विदेशी मुद्रा नोटों पर अभिमत/ राय लेने के मामलों में, उनसे पूर्व परामर्श के पश्चात, उन्हें यह सूचित किया जाए कि वे उक्त नोटों को नई दिल्ली स्थित सीबीआई की इंटरपोल विंग को भेजे।

5.10 उच्च क्वालिटी कूटकृत भारतीय करेंसी: भारत सरकार ने विधिविरूद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम (यू.ए.पी.ए.), 1967 के अंतर्गत उच्च क्वालिटी कूटकृत भारतीय करेंसी के अपराधों का अन्वेषण नियम, 2013 बनाया है। अधिनियम में दिए गए परिभाषा के अनुसार “उच्च क्वालिटी की कूटकृत भारतीय करेंसी” से ऐसी कृटकृत करेंसी अभिप्रेत है जो किसी प्राधिकृत या अधिसूचित न्याय संबंधी प्राधिकारी द्वारा यह परीक्षा करने के पश्चात कि ऐसी करेंसी अधिनियम के तीसरी अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट मुख्य सुरक्षा लक्षणों की अनुकृति है या उसके अनुरूप है, उस रूप में घोषित की जाए। उच्च क्वालिटी की कूटकृत भारतीय करेंसी को तैयार करने, तस्करी या प्रचालन की गतिविधि यू.ए.पी.ए., 1967 के दायरे मे आती है।

6. नोडल बैंक अधिकारी को नियुक्त करना

प्रत्येक बैंक द्वारा जाली नोट का पता लगाने से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए संपर्क बिंदु के रूप में कार्य करने हेतु प्रत्येक जिले के लिए एक नोडल बैंक अधिकारी नामित किया जाएगा और इसकी सूचना भा.रि.बैं. के संबंधित निर्गम कार्यालय और पुलिस प्राधिकारियों को दी जाएगी। जाली बैंक नोट की पहचान की रिपोर्टिंग के सभी मामले, जैसा कि पैरा 5 में दर्शाया गया है, नोडल बैंक अधिकारी के माध्यम से किए जाएंगे।

7. काउंटरो पर जारी करने, एटीएम मशीनों में आपूर्ति और भारतीय रिज़र्व बैंक (भा.रि.बैं) के निर्गम कार्यालयों को विप्रेषण करने से पूर्व बैंक नोटों की जांच करना

7.1 बैंकों द्वारा अपने नकदी प्रबंधन को इस प्रकार पुनर्निर्धारित किया जाएगा जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि रु. 100 और उससे अधिक मूल्य वर्ग के बैंक नोटों को मशीन प्रसंस्करण द्वारा प्रामाणिकता की जांच के बिना पुन: संचलन में नही भेजा जाए। ये अनुदेश दैनिक नकदी प्राप्ति के परिमाण को ध्यान में लिए बगैर सभी शाखाओं पर लागू होंगे।

7.2 एटीएम मशीनों से जाली बैंक नोटों की प्राप्ति संबंधित शिकायतों के निपटान और जाली बैंक नोटों के संचलन पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह अत्यावश्यक है कि एटीएम मशीनों में नोटों की आपूर्ति से पूर्व पर्याप्त सुरक्षा उपायों/ जांच-सूची को अपनाया जाए। एटीएम मशीनों के माध्यम से जाली बैंक नोटों का वितरण, संबंधित बैंक द्वारा जाली नोटों के संचलन के लिये किया गया एक प्रयास माना जायेगा। दिनांक 07 मार्च 2019 के परिपत्र डीपीएसएस. सीओ.ओडी. सं. 1916/06.07.011/2018-19 के अनुसार यह व्हाईट लेबल एटीएम ऑपरेटरों पर भी लागू होगा।

7.3 मुद्रा तिजोरी विप्रेषणों में जाली नोटों के पाए जाने को भी संबंधित मुद्रा तिजोरी द्वारा जान-बूझकर जाली नोटों के संचलन के लिये किया गया प्रयास माना जायेगा जिसके परिणामस्वरूप पुलिस प्राधिकरण द्वारा विशेष जांच और अन्य कार्रवाई जैसे कि संबंधित मुद्रा तिजोरी के परिचालन को स्थगित किया जाना शामिल है।

8. जाली नोटों का पता लगाने में सहायक उपकरणों का प्रावधान

8.1 जाली बैंक नोटों की पहचान को सुगम बनाने के लिए सभी बैंक शाखाएँ/ निर्दिष्ट बैक ऑफिस में अल्ट्रा-वायलेट लैम्प/ नोट सॉर्टिंग/ सत्यापन मशीन उपलब्ध होंगे । इसके अतिरिक्त, सभी मुद्रा तिजोरी धारित शाखाओं में सत्यापन, प्रसंस्करण और छंटाई करने वाले मशीन उपलब्ध होंगे और मशीनों का इष्टतम उपयोग करेंगे। ये मशीनें दिनांक 01 जुलाई 2022 के परिपत्र डीसीएम (एनपीडी) संख्या एस488/18.00.14/2022-23 में निर्धारित '' नोट सॉर्टिंग मशीन – प्रमाणीकरण तथा फिटनेस सॉर्टिंग मानक '' के तथा दिनांक 30 अक्टूबर 2024 के परिपत्र डीसीएम (एनपीडी) संख्या एस2193/09.45.000/2024-25 के अनुसार भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा विधिवत प्रमाणित भारतीय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।

8.2 बैंक, पहचान किए गए जाली नोटों सहित नोट छंटाई मशीनों के माध्यम से प्रसंस्कृत नोटों का दैनिक रिकार्ड रखेंगे।

8.3 बैंकों को आम जनता के उपयोग हेतु काउंटर पर नोट गिनने वाली मशीनें (दोहरी डिस्प्ले सुविधा सहित) भी उपलब्ध करानी होंगी।

9. बैंक के प्रधान कार्यालय में जाली नोट सतर्कता कक्ष (एफएनवी कक्ष) की स्थापना

9.1 प्रत्येक बैंक निम्नलिखित कार्यों के निष्पादन हेतु अपने प्रधान कार्यालय में जाली नोट सतर्कता कक्ष स्थापित करेंगे:

(i) जाली बैंक नोटों के बारे में भा.रि.बैं. द्वारा जारी अनुदेशों को बैंक की सभी शाखाओं/ मुद्रा तिजोरियों (सीसी) में प्रचारित करना, इन अनुदेशों के कार्यान्वयन पर निगरानी रखना, वर्तमान अनुदेशों के अनुसार जाली नोटों की पहचान से संबंधित आंकड़े को समेकित करना और इसकी रिपोर्ट भा.रि.बैं., वित्तीय अन्वेषण इकाई - भारत (एफआईयू–आईएनडी) तथा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) को प्रेषित करना, पुलिस प्राधिकरण/ निर्दिष्ट नोडल अधिकारी के साथ जाली नोटों के मामलों से संबंधित अनुवर्ती कार्रवाई करना।

(ii) इस प्रकार से संकलित जानकारी को बैंकों के केंद्रीय सर्तकता अधिकारी से साझा करना तथा उन्हें काउंटरों पर स्वीकृत/ जारी किये गये जाली नोटों से संबंधित मामलों की रिपोर्ट देना।

(iii) ऐसे मुद्रा तिजोरियां, जहाँ कमी/ दोषपूर्ण/ जाली बैंक नोट पाए गए हैं कि आवधिक आकस्मिक जांच करना।

(iv) सभी मुद्रा तिजोरियों/ बैक ऑफिस में उपयुक्त क्षमता वाली नोट सॉर्टिंग मशीनों के परिचालन को सुनिश्चित करना और जाली नोटों के पता लगाने पर सावधानी पूर्वक निगरानी करना और उक्त का उचित रूप से रिकार्ड रखना।

(v) यह सुनिश्चित करना कि नोटों के प्रसंस्करण तथा पारगमन के समय आकस्मिक जांच सहित पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ केवल छांटे गये और मशीनों से जांचे गये नोट ही एटीएम मशीनों में आपूर्ति/ काउंटरों से जारी किए जाए।

9.2 जाली नोट सतर्कता कक्ष द्वारा छमाही आधार पर (प्रत्येक वर्ष के मार्च और सितंबर की समाप्ति पर) अनुलग्नक V में निर्धारित प्रारूप के अनुसार, ईमेल के माध्यम से ईमेल के माध्यम से भा.रि.बैं. के संबंधित निर्गम कार्यालय जिसके क्षेत्राधिकार में जाली नोट सतर्कता कक्ष कार्यरत है, संबंधित छमाही की समाप्ती के पखवाड़े के भीतर स्थिति रिपोर्ट (Status Report) प्रेषित किया जाएगा।

9.3 जाली नोट सतर्कता कक्ष के पते को अद्यतन करने के उद्देश्य से बैंक प्रत्येक वर्ष 15 अप्रैल तक ई-मेल के माध्यम से निर्धारित प्रारूप (अनुलग्नक VI) में विवरण संबंधित निर्गम कार्यालय को प्रस्तुत करेंगे, जिसके क्षेत्राधिकार में जाली नोट सतर्कता कक्ष कार्यरत है।

10. भारतीय रिज़र्व बैंक/ एनसीआरबी/ एफआईयू – आईएनडी को आंकड़ों की रिपोर्टिंग

10.1 बैंक के जाली नोट सतर्कता कक्ष द्वारा

बैंक की सभी शाखाओं और मुद्रा तिजोरियों द्वारा पता लगाये गये जाली नोटों के आंकड़े को संबंधित बैंक के जाली नोट सतर्कता कक्ष द्वारा समेकित कर भा.रि.बैं. के संबंधित निर्गम कार्यालय, जिसके क्षेत्राधिकार में जाली नोट सतर्कता कक्ष कार्यरत है, को रिपोर्ट किया जाएगा। रिपोर्टिंग मासिक आधार पर निर्धारित प्रारूप (अनुलग्नक VII) में आगामी माह की 7 तारीख तक की जाएगी। यदि माह के दौरान कोई भी जाली नोट नहीं पाया जाता है तो उस स्थिति में “शून्य रिपोर्ट” प्रेषित की जाएगी।

10.2 धनशोधन निवारण (अभिलेखों का रखरखाव) संशोधन नियम, 2013 के नियम 8(1) के तहत, बैंकों के प्रधान अधिकारियों को भी ऐसे नकदी लेन देन, जहां जाली नोट पाए गए हैं, की सूचना की रिपोर्ट, आगामी माह की 15 तारीख तक एफआईयू-आईएनडी के FINnet पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसी प्रकार, जाली नोटों की पहचान के आंकड़े एनसीआरबी, नई दिल्ली की बेबसाईट पर वेब आधारित सॉफ्टवेयर पर भी अपलोड किए जाएंगे।

11. दंडात्मक प्रावधान

भारतीय रिज़र्व बैंक के निरीक्षण और लेखांकन के दौरान गंदे नोट विप्रेषण/ मुद्रा तिजोरी (सीसी) में शेष राशि/ एटीएम वितरण/ काउंटर पर संवितरण में या बैंक द्वारा जानबूझकर जब्त न किए जाने पर पाए गए जाली नोटों के लिए आर्थिक दंड Master Direction dated April 01, 2026 on Incentives for Currency Distribution and Exchange and Penalties/ Penal Provisions for Bank Branches and Currency Chests for Deficiency in Rendering Customer Service and Reporting of Transactions/ Balances के अनुसार लागू होंगे।

12. पुलिस प्राधिकरण से प्राप्त जाली नोटों का परिरक्षण

12.1 पुलिस प्राधिकरण/ न्यायालयों से पुन: प्राप्त सभी जाली नोटों को बैंक की अभिरक्षा में सावधानीपूर्वक परिरक्षित किया जाए और संबंधित शाखा/ मुद्रा तिजोरियों द्वारा उक्त का रिकार्ड रखा जाए। बैंक के जाली नोट सतर्कता कक्ष भी ऐसे जाली नोटों का शाखावार समेकित रिकार्ड रखेंगे।

12.2 इन जाली नोटों का सत्यापन संबंधित शाखा के प्रभारी अधिकारी द्वारा छमाही (31 मार्च और 30 सितंबर) आधार पर किया जाएगा। इन जाली नोटों को पुलिस प्राधिकरण से प्राप्ति की तिथि से तीन वर्ष की अवधि हेतु परिरक्षित किया जाएगा।

12.3 जाली नोट जो न्यायालय में मुकदमेबाजी के अधीन हैं उन्हें न्यायालय के निर्णय के पश्चात संबंधित शाखा/ मुद्रा तिजोरियों के पास तीन वर्ष तक परिरक्षित किया जाएगा।

12.4 परिरक्षण अवधि के पश्चात, इस प्रकार के बैंक नोटों को मामले के पूर्ण विवरण के साथ भा.रि.बैं. के संबंधित निर्गम कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा, जिसके क्षेत्राधिकार में शाखा/ मुद्रा तिजोरियाँ कार्यरत है।

13. जाली नोटों का पता लगाना - स्टाफ प्रशिक्षण

13.1 यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि बैंकों में नकदी संभालने वाले स्टाफ, बैंक नोटों की सुरक्षा विशेषताओं से पूर्ण रूप से परिचित हों।

13.2 जाली नोट की पहचान के संबंध में बैंकशाखा के कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से सभी बैंकनोटों के डिजाइन और सुरक्षा विशेषताओं की जानकारी अनुलग्नक VIII में प्रदान की गयी है। आम जनता की जानकारी के लिए उन्हें प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करें। 2000, 500, 200, 100, 50, 20 तथा 10 के नए डिजाइन के बैंकनोटों की सुरक्षा विशेषताओं का विवरण https://indiancurrency.rbi.org.in/ लिंक पर उपलब्ध है।

13.3 नियंत्रक कार्यालय/ प्रशिक्षण केंद्र, नकदी संभालने वाले सभी बैंक कर्मियों के लिए वास्तविक भारतीय बैंक नोटों की सुरक्षा विशेषताओं पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे ताकि प्राप्ति के स्थान पर ही जाली नोटों का पता लगाया जा सके। इन प्रशिक्षणों में जाली नोटों का पता लगाना, उन्हें जब्त करना तथा उनकी रिपोर्टिंग करना शामिल है। भा.रि.बैं. द्वारा, यदि आवश्यक हो तो, संकाय सहायता और प्रशिक्षण सामग्री प्रदान किया जाएगा।


अनुलग्नक I

जाली बैंकनोट स्टैम्प

प्रत्येक बैंक नोट, जो, विभिन्न सुरक्षा विशेषताओं/ मानदण्डों की जांच करने पर, जाली पाया गया है, “जाली बैंक नोट” की स्टैम्प के साथ चिन्हित किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए, 5 सें मी x 5 सें मी के एक समान आकार के स्टैम्प का निम्नलिखित उत्कीर्णन के साथ उपयोग किया जाए।

जब्त जाली बैंकनोट

बैंक शाखा / मुद्रा तिजोरी

बैंक का नाम

हस्ताक्षर

दिनांक

अनुलग्नक II

जाली नोट निविदाकर्ता को जारी की जाने वाली पावती रसीद

बैंक का नाम
पता:

रसीद की क्र.सं:
दिनांक:

---------------------------------------------------------------------------- (निविदाकर्ता का नाम व पता) से प्राप्त निम्नलिखित नोट जाली है और इसलिए जब्त किया गया/ किए गए है तथा तदनुसार स्टैम्प लगाया गया है।

उस नोट की क्रम संख्या जिसे जाली नोट समझा गया है मूल्यवर्ग किस मानदंड पर उस नोट को जाली समझा गया है
     
     
     
     
     

जाली नोटों की कुल सं.

(निविदाकर्ता के हस्ताक्षर)

(काउंटर स्टाफ के हस्ताक्षर)
(कार्यालय की मुहर)


अनुलग्नक III

पुलिस को समेकित मासिक रिपोर्ट

दिनांक: _________________

बैंक का नाम:
जिला:
नोडल बैंक अधिकारी का नाम व पता:
संदर्भ संख्या ......................................

पुलिस निरीक्षक
........................ पुलिस स्टेशन

........................... माह की समेकित मासिक रिपोर्ट

जाली बैंक नोटों का विवरण

पहचान करने की तारीख बैंक शाखा/ मुद्रा तिजोरी का नाम नोट प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति का विवरण मूल्यवर्ग/ संख्या/ शृंखला संख्या सुरक्षा विशेषताएं जिनका उल्लंघन किया गया है एनसीआरबी पोर्टल से प्राप्त यूनिक संदर्भ संख्या (यूआरएन)
           
           
           
           
           

2. जाली नोट सूचनार्थ तथा आवश्यक कार्रवाई हेतु संलग्न हैं।

3. कृपया प्राप्ति सूचना दें।

भवदीय

(प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता)
(आधिकारिक मुहर)

संलग्न:


अनुलग्नक IV

पुलिस को एफआईआर हेतु अनुरोध

दिनांक: _________________

बैंक का नाम:
जिला:
नोडल बैंक अधिकारी का नाम और पता
संदर्भ सं. ‌‌………….

पुलिस निरीक्षक
______________ पुलिस थाना

महोदय,

जाली नोट/ नोटों का पता लगाना - जाँच हेतु अनुरोध

हम इसके साथ हमारे कार्यालय में दिनांक ___________को पकड़े गये निम्नलिखित जाली नोट संलग्न कर रहे हैं। जाली नोट/ नोटों के विस्तृत ब्योरे नीचे प्रस्तुत है।

मूल्यवर्ग/ नोटों की संख्या जाली नोटों की क्रमिक संख्या अनुमानित मूल्य नोट प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति का विवरण बैंक शाखा/ मुद्रा तिजोरी का नाम और पता जहां पर जाली नोट पाये गए बैंक की प्रविष्टि संख्या एनसीआरबी पोर्टल से प्राप्त यूनिक संदर्भ संख्या (यूआरएन)
             
             
             
             

2. चूँकि, भारतीय मुद्रा के जाली नोटों का मुद्रण और/ या संचलन में लाना भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 178 से 182 के अंतर्गत अपराध है, अत: आपसे अनुरोध है कि आप कृपया एफआईआर दर्ज कर आवश्यक जाँच करें। यदि न्यायालय में आपराधिक कार्रवाई करनी हो तो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 328(1) से 328(3) के अनुसार आप पहले इन नोटों को किसी भी नोट प्रेस, फोरेंसीक साईन्स लेबोरेटरी,आदि के पास जाँच के लिए भेजने हेतु व्यवस्था करें। प्रस्तुत विशेषज्ञ की राय को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 328 के तहत साक्ष्य के रूप में न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। जाँच/ या न्यायालय में कार्रवाई पूरी हो जाने पर जाँच की विस्तृत रिपोर्ट/ न्यायालय के निर्णय की प्रतिलिपि सहित जाली नोट हमारे पास प्रेषित की जाए।

3. कृपया प्राप्ति सूचना दें।

भवदीय,

प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता
आधिकारिक मुहर

संलग्न:


अनुलग्नक V

एफएनवी कक्ष की गतिविधियों पर रिपोर्ट – मार्च/ सितंबर को समाप्त छमाही

बैंक का नाम:

एफ़एनवी कक्ष का पता:

एफएनवी कक्ष के प्रभारी अधिकारी का नाम और पदनाम:

टेलीफोन नंबर:

ईमेल आईडी:

क्रम संख्या विवरण ब्यौरा
1. शाखाओं की कुल संख्या मेट्रो शहरी अर्ध शहरी ग्रामीण कुल
         
2. मुद्रा तिजोरी की कुल संख्या          
3. सीसीटीवी निगरानी के तहत शाखाओं की संख्या          
4. सीसीटीवी निगरानी के तहत मुद्रा तिजोरी की संख्या          
5. उन शाखाओं की संख्या जहां नोट प्रमाणीकरण मशीनें (एनएएम) स्थापित हैं          
6. उन मुद्रा तिजोरी की संख्या जहां नोट छंटाई मशीनें (एनएसएम) संस्थापित हैं          
7. क्या एनएसएम निर्धारित समय-सीमा के अनुसार प्रत्येक मुद्रा तिजोरी में प्राप्त सभी नोटों को संसाधित करने के लिए पर्याप्त हैं?  
8. क्या सभी मुद्रा तिजोरी एनएसएम के माध्यम से संसाधित नोटों और उनके द्वारा पता लगाए गए जाली नोटों का रिकॉर्ड रखते हैं?  
9. क्या महीने के दौरान पकड़े गए जाली नोटों की जानकारी अगले महीने के 7 दिन के अंदर भा.रि.बैं. को दी जाती है?
महीना प्रस्तुत करने का दिनांक
   
   
 
10. क्या महीने के दौरान पकड़े गए जाली नोटों की जानकारी एफआईयू-आईएनडी पोर्टल (FINnet) पर अगले महीने के 15 दिन के अंदर अपलोड की जाती है?
महीना प्रस्तुत करने का दिनांक
   
   
 
11. क्या जाली नोटों की जानकारी एनसीआरबी पोर्टल पर मासिक आधार पर अपलोड की जाती है?
महीना प्रस्तुत करने का दिनांक
   
   
 
12. क्या शाखाओं या मुद्रा तिजोरी में काउंटर पर जाली नोटों की स्वीकृति/ जारी करने के दृष्टांतों की सूचना संबंधित बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी को दी गई है?    
13. पुलिस प्राधिकारियों के पास लंबित मामलों, जिनमें प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है, की संख्या का ब्यौरा क्या है?
छमाही की शुरुआत में पुलिस प्राधिकारियों के पास लंबित मामले छमाही के दौरान पुलिस प्राधिकारियों को भेजे गए मामले छमाही के दौरान पुलिस प्राधिकारियों से प्राप्त मामले छमाही के अंत में पुलिस प्राधिकारियों के पास लंबित मामले
       
 
14. क्या शाखाओं/ मुद्रा तिजोरी में लंबित एफआईआर मामलों पर पुलिस प्राधिकारियों/ नामित नोडल पुलिस प्राधिकारी के साथ अनुवर्ती कार्रवाई की गई है?

एफएनवी कक्ष द्वारा पुलिस प्राधिकारियों के साथ किए गए ऐसे पत्राचार की तारीखें प्रस्तुत की जाएं।
   
15. क्या समीक्षाधीन अवधि के दौरान किसी मुद्रा तिजोरी/ शाखा में बड़ी संख्या में जाली नोटों का पता चला है?

यदि हां, तो क्या एफएनवी कक्ष ने उन शाखाओं/ मुद्रा तिजोरी में कोई आकस्मिक निरीक्षण किया था? विवरण प्रस्तुत करें।
मुद्रा तिजोरी का नाम आकस्मिक जांच की तारीख निष्कर्ष संक्षेप में
     
     
 
16. यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था मौजूद है कि केवल ठीक से छांटे गए और मशीन द्वारा जांच किए गए बैंकनोटों की आपूर्ति एटीएम में की जाती है/ काउंटर पर जारी किया जाता है?    
17. एटीएम/ काउंटर द्वारा जाली नोट वितरण के संबंध में प्राप्त शिकायतों की संख्या
छमाही की शुरुआत में लंबित शिकायतों की संख्या  
छमाही के दौरान प्राप्त शिकायतों की संख्या  
छमाही के दौरान निपटाई गई शिकायतों की संख्या  
छमाही के अंत में लंबित शिकायतों की संख्या  
 

(हस्ताक्षर)
प्राधिकृत अधिकारी का नाम और पदनाम
(कार्यालय की मुहर)


अनुलग्नक VI

जाली नोट सतर्कता कक्ष (एफएनवी कक्ष) का भा.रि.बैं. को विवरण

बैंक का नाम एफएनवी कक्ष का पता (पिनकोड सहित) प्रभारी अधिकारी का नाम और पता कोड सहित टेलीफोन संख्या मोबाइल नंबर एफएनवी कक्ष का
ई-मेल पता
           

उपरोक्त प्रस्तुत ब्योरे में किसी भी परिवर्तन को तत्काल सूचित करने के लिए हमने नोट कर लिया है।

प्राधिकृत अधिकारी का नाम:
पदनाम:
दिनांक:

नोट: पूर्ण भरे हुए प्रारूप को एमएस-एक्सेल में 15 अप्रैल तक ई-मेल द्वारा भा.रि.बैं. के संबंधित निर्गम कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा, जिसके क्षेत्राधिकार में जाली नोट सतर्कता कक्ष कार्यरत हैं।


अनुलग्नक VII

जाली नोटों पर भा.रि.बैं. के निर्गम कार्यालय को मासिक रिपोर्ट

दिनांक: ______________

बैंक का नाम:
एफएनवी कक्ष का पता:
प्रभारी अधिकारी का नाम और पदनाम:
दूरभाष सं:
ईमेल आईडी:

माह के दौरान बैंक में पाए गए जाली नोटों के ब्यौरे दर्शानेवाला विवरण
(आगामी माह की 7वीं तारीख तक रिपोर्ट किया जाएगा)

ख) पुलिस के पास दर्ज मामलों के ब्यौरे:

  माह के आरंभ में पुलिस के पास लंबित (समेकित योग) माह के दौरान पुलिस को प्रेषित पुलिस द्वारा माह के दौरान लौटाए गये माह के अंत में पुलिस के पास लंबित (समेकित योग)
मामलों* की संख्या जहां एफआईआर दर्ज की गई        
एफआईआर के सभी मामलों में शामिल जाली नोटों की संख्या        

*प्रत्येक दर्ज एफआईआर एक मामला माना जाए।

(हस्ताक्षर)
प्राधिकृत अधिकारी का नाम और पदनाम:
(कार्यालय की मुहर)

अग्रेषित – महाप्रबंधक/ उप-महाप्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक, निर्गम विभाग


अनुलग्नक VIII

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 1967 से जारी किए गए नोटों के डिजाइन

वर्ष आकार वाटरमार्क अग्रभाग पृष्ठभाग
I. 10 रुपये के नोट
1967 137 x 63 मिमी. अशोक स्तम्भ हल्का जामुनी रंग। केंद्र में 10 का अंक। नोट का मूल्य 14 भारतीय भाषाओं में। वर्तुल में सागर का दृश्य तथा पालदार नौका।
1968 उक्त उक्त काला-नीला रंग। वचन‑खण्ड, गारण्टी खण्ड और हस्ताक्षर का द्विभाषी में मुद्रण। उक्त विशेषता के अतिरिक्त, भारतीय रिज़र्व बैंक के नाम का हिन्दी में मुद्रण।
1969 उक्त उक्त काला-नीला रंग। ‘RUPEES TEN' के स्थान पर ‘TEN RUPEES' महात्मा गांधी की छवि।
1970 उक्त अशोक स्तम्भ के साथ चक्र भारतीय रिज़र्व बैंक ऊपर लिखा गया और RESERVE BANK OF INDIA को नीचे मुद्रित किया गया। हिन्दी और अंग्रेजी में लिखे गारण्टी खण्ड, वचन खण्ड, गवर्नर के हस्ताक्षरों का स्थान बदला गया। सत्यमेव जयते का मुद्रण किया गया। वाटर मार्क- विंडो और नम्बर पैनल को बड़ा किया गया। मोहर को द्विभाषी रुप में शामिल किया गया।
1975 उक्त उक्त गहरा भूरा, गेरू, नीला रंग। ‘10’ का अंक गहरे भूरे रंग में। उभरा हुआ मुद्रण। भाषाओं का पैनल बांई तरफ तथा अशोक स्तम्भ दांई तरफ। हल्का भूरा, गेरू, नीला और हरा रंग। एक घेरे में पेड़ की शाखा पर बैठे दो मोर। हिरण, घोड़े, पक्षी और कमल।
1992 उक्त उक्त समूची रंग योजना हल्का गुलाबी, मेजेन्टा और पीलापन लिए हुए। शालीमार बाग।
1996 उक्त वाटरमार्क विंडों में महात्मा गाँधी की छवि और बहु-आयामी रेखाएँ। समूची रंग‑योजना में बैंगनी, भूरा, संतरी और गुलाबीपन। महात्मा गाँधी की छवि। अंतर्निहित सुरक्षा धागा, जिसे रोशनी के सामने करके देखने पर दोनों तरफ से ‘भारत RBI’ शब्द पढ़े जा सकते हैं। एक दूसरे में गुंथी हुई फुलकारी, जिसमें हाथी, गैंडा और बाघ के मुँह दिखाए गए हैं। नोट का मूल्य 15 भारतीय भाषाओं में दिया गया है।
2006 उक्त इस भाग में महात्मा गाँधी की छवि, बहु - आयामी रेखाएं और मूल्यवर्गीय 10 अंक दिखाने वाला इलेक्ट्रोटाइप मार्क हैं, जिन्हे बैंकनोट को रोशनी के सामने करके देखने पर अधिक अच्छी तरह से देखा जा सकता हैं। विंडो में मशीन द्वारा पठनीय डिमेटलाइज्ड क्लियर टेक्स्ट चुंबकीय सुरक्षा धागा जिसपर ‘भारत’ (हिंदी में) और ‘RBI’ लिखा है, अल्ट्रावायलेट रोशनी (जेनरिक) में नोट का पृष्ठभाग व मुखपृष्ठ पीले रंग का चमकीला दिखायी पड़ता है।

चौड़ाई - 1.4 मि.मी.।

चमकीले रेशे दोहरे रंग के हैं।

वाटरमार्क विंडो के तुरंत बाद एक खड़ी पट्टी के बीचोबीच नोट के मुखपृष्ठ (खाली) और उसके पृष्ठ भाग (भरा हुआ) पर मुद्रित एक छोटी फूलदार डिज़ाइन एक दूसरे पर एकदम सटकर इस प्रकार बैठ जाती हैं कि नोट को रोशनी के सामने करके देखने पर अंक एक ही दिखायी पड़ते हैं।
बैंक नोट के मुद्रण के दौरान ही उसके पृष्ठ भाग पर मुद्रण वर्ष को शामिल किया गया।
2011 उक्त उक्त उक्त

इसके अलावा, बैंकनोट के ऊपरी बायें और ऊपरी दायें कोने पर अंकित मूल्य के साथ, अग्र भाग पर प्रतीक की शुरुआत की गयी।
बैंकनोट में पृष्ठ भाग पर मुद्रण वर्ष बना रहेगा।

इसके अलावा, बैंकनोट के ऊपरी बायें और ऊपरी दायें कोने पर अंकित मूल्य के साथ, पृष्ठ भाग पर प्रतीक की शुरुआत की गयी।
2016 उक्त उक्त उक्त

इसके अतिरिक्त, नए संख्या पटल में, जहां पहले तीन अक्षरांकीय चिन्ह (उपसर्ग) आकार में अपरिवर्तनशील है, वहाँ अन्य अंक संख्या पटल में बाये से दायें की ओर आवर्धित फॉन्ट में मुद्रित है।
उक्त
2018 123 मिमी x 63 मिमी महात्मा गांधी (नई) शृंखला में रू. 10 मूल्यवर्ग का बैंक नोट जिसमें महात्मा गांधी की छवि तथा (10) का इलैक्ट्रोटाईप वाटरमार्क नोट का आधार रंग चॉकलेट भूरा है। नोट के अग्र तथा पश्च दोनों भागों पर अन्य डिजाईन, ज्यामित्तीय पैटर्न हैं जिन्हें समग्र रंग योजना के साथ संरेखित किया गया है।

मूल्यवर्ग अंक 10 के साथ आर पार मिलान। देवनागरी में १० मूल्यवर्ग अंक। मध्य में महात्मा गांधी की छवि। सूक्ष्म अक्षरों में ‘RBI’, ‘भारत’, ‘INDIA’ और ’10’, ‘RBI’, और ‘भारत’ उत्कीर्ण लेखों के साथ विंडोड डिमेटलाइज्ड सुरक्षा धागा, महात्मा गांधी की छवि की दायीं तरफ गारंटी खंड, वचन खंड सहित गवर्नर के हस्ताक्षर तथा भा.रि.बैं. का प्रतीक, दायीं तरफ अशोक स्तम्भ का प्रतीक, संख्या पैनल जिसमें ऊपर बाईं तरफ तथा नीचे दायीं तरफ छोटे से बढ़ते आकार के अंक।
नए मूल्यवर्ग के बैंकनोट के पृष्ठ भाग पर सूर्य मंदिर, कोणार्क का चित्र है जो देश की सांस्कृतिक विरासत का चित्रण करता है। बाईं ओर नोट के मुद्रण का वर्ष, स्लोगन सहित स्वच्छ भारत का लोगो, भाषा पैनल, देवनागरी मूल्यवर्ग अंक १०।
II. 20 रुपये का नोट
1972 147x63 मिमी. अशोक स्तम्भ केसरिया रंग। अशोक स्तम्भ प्रतीक दायें तरफ और भाषाओं का पैनल बाएँ तरफ। समांतर पैनल के मध्य में बड़े अक्षरऔर दोनों कोनों में 20 का अंक। संसद भवन का चित्र। बाएं तरफ नोट का मूल्य भारतीय भाषाओ में।
1975 उक्त छोटा अशोक स्तम्भ जिसके चारों ओर चक्र की श्रृंखला। कागज पर सरेश लगा हुआ। लाल, नीला, बैंगनी और हल्का पीला रंग। हल्के पीले रंग की कमल जैसी आकृति के ऊपर गहरे बैंगनी रंग में 20 का अंक। भाषाओं का पैनल बायें तरफ और अशोक स्तम्भ प्रतीक दाएं तरफ। नोट का मुद्रण कागज के एकदम किनारे तक किया गया है, लेकिन चारों कोनों को सफेद ही छोड़ दिया गया है।

नाम, वाक्य‑खंड और हस्ताक्षर द्विभाषी रूप में।
ड्राई ऑफसेट प्रिटिंग। लाल, नीला और बैंगनी रंग। बीचों‑बीच कोणार्क सूर्य मंदिर के रथ का पहिया। नीले रंग में वाटरमार्क विन्डो। इस विन्डो के चारों ओर जो सजावटी डिजाइन बना है वह नोट की दूसरी ओर बने डिजाइन पर एकदम सही बैठता है।
2001 उक्त महात्मा गांधी की छवि सुरक्षा धागा पूरी तरह से गुंथा हुआ जिस पर ‘भारत’ और ‘RBI’ लिखा हुआ है। नोट का रंग मुख्यतया लाली लिए हुए संतरी। अशोक स्तम्भ के स्थान पर महात्मा गांधी का चित्र गहरे लाल रंग में है। अशोक स्तंभ को नोट के बाएँ ओर निचले कोने में छोटे आकार में मुद्रित किया गया है। संख्या 20, रिज़र्व बैंक की मुहर, महात्मा गांधी की छवि, रिज़र्व बैंक का लिजेंड, गारंटी और वचन खण्ड, गवर्नर के हस्ताक्षर तथा अशोक स्तम्भ को उभरा हुआ मुद्रित किया गया है। RBI शब्द और अंक 20 को सूक्ष्म अक्षरों में महात्मा गांधी की छवि के पीछे वैकल्पिक रुप से मुद्रित है। एक पहचान चिह्न के रूप में नोट के बाएँ ओर छोटी खडी आयताकृति उभरे हुए रूप में मुद्रित गई है, ताकि कमजोर नज़र वाले भी नोट का मूल्यवर्ग आसानी से पहचान सकें। संख्या पटल में अंकों को लाल रंग में मुद्रित किया गया है। नोट की मूल संकल्पना में नारियल वृक्षावली से घिरा भारतीय समुद्रतट दिखाई देता है। बायीं ओर भाषाई पैनल में नोट का मूल्य पन्द्रह भाषाओं में दिया गया है।
2006 उक्त इस भाग में महात्मा गाँधी का चित्र, बहु - आयामी रेखाएं और मूल्यवर्गीय 20 अंक दिखाने वाला इलेक्ट्रोटाइप मार्क हैं, जिन्हे बैंकनोट को रोशनी के सामने करके देखने पर अधिक अच्छी तरह से देखा जा सकता हैं। विंडो में मशीन द्वारा पठनीय डिमेटलाइज्ड क्लियर टेक्स्ट चुंबकीय सुरक्षा धागा जिसपर ‘भारत’ (हिंदी में) और ‘RBI’ लिखा है अल्ट्रावायलेट रोशनी (जेनरिक) में नोट का पृष्ठभाग व मुखपृष्ठ पीले रंग का चमकीला दिखायी पड़ता है।

चौड़ाई - 1.4 मि.मी.।

चमकीले रेशे दोहरे रंग के हैं।

वाटरमार्क विंडो के तुरंत बाद एक खड़ी पट्टी के बीचोबीच नोट के मुखपृष्ठ (खाली) और उसके पृष्ठ भाग (भरा हुआ) पर मुद्रित एक छोटी फूलदार डिज़ाइन एक दूसरे पर एकदम इस प्रकार बैठ जाती हैं कि नोट को रोशनी के सामने करके देखने पर अंक एक ही दिखायी पड़ते हैं।
बैंक नोट की छपायी के दौरान ही उसके पृष्ठ भाग पर मुद्रण वर्ष डाल दिया गया है।
2012 उक्त उक्त उक्त

इसके अलावा, बैंकनोट के ऊपरी बायें और ऊपरी दायें कोने पर अंकित मूल्य के साथ, अग्र भाग पर प्रतीक की शुरुआत की गयी।
बैंकनोट में पृष्ठ भाग पर मुद्रण वर्ष बना रहेगा। इसके अलावा, बैंकनोट के ऊपरी बायें और ऊपरी दायें कोने पर अंकित मूल्य के साथ, पृष्ठ भाग पर प्रतीक की शुरुआत की गयी।
2016 उक्त उक्त दोनों नंबर पैनल में संख्याएँ आकार में दायें से बाएँ आरोही क्रम में होंगी जबकि प्रथम तीन अल्फा न्यूमेरिक संख्याएँ (उपसर्ग) समान आकार में रहेंगी।

संख्या “20”, भा.रि.बैं. सील, महात्मा गांधी की छवि, भा.रि.बैं. लीजेंड, गारंटी तथा वचन खण्ड, गवर्नर के हस्ताक्षर, अशोक स्तम्भ जो अभी तक उभरी हुई मुद्रण (उभार मुद्रण) में थे, अब से ऑफसेट में मुद्रित होंगे (बिना किसी उभार मुद्रण के)

आगे, बैंक नोट के दायीं ओर आयताकार पहचान चिन्ह हटा दिया गया है।

यद्यपि, पश्च भाग के रंग में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, अग्र भाग का रंग हल्का है (उभार मुद्रण हटाने के कारण)

अभी तक महात्मा गांधी के चित्र के बाईं ओर एक लम्बवत बैंड में “20” मूल्यवर्ग का अंक दिखाते हुए एक लेटेंट इमेज थी। लेटेंट इमेज तभी दिखाई देती थी जब बैंक नोट को आँख के स्तर पर समानान्तर लाया जाए। यह विशेषता अभी नहीं है।
उक्त
2019 129x63 मिमी महात्मा गांधी (नई) शृंखला में रू. 20 मूल्यवर्ग का बैंक नोट जिसमें महात्मा गांधी का चित्र तथा (20) का इलैक्ट्रोटाईप वाटरमार्क मूल्यवर्ग अंक 20 के साथ आर पार मिलान देवनागरी में २० मूल्यवर्ग अंक। मध्य में महात्मा गांधी की छवि। सूक्ष्म अक्षरों में ‘RBI’, ‘भारत’ और ‘20’। ‘RBI’, ‘भारत’ उत्कीर्ण लेखों के साथ विंडोड डिमेटलाइज्ड सुरक्षा धागा। महात्मा गांधी के चित्र के दायीं तरफ गारंटी खंड, वचन खंड सहित गवर्नर के हस्ताक्षर तथा भा.रि.बैं. का प्रतीक। दायीं तरफ अशोक स्तम्भ का प्रतीक। महात्मा गांधी की छवि तथा इलैक्ट्रोटाईप वाटरमार्क (20)। संख्या पैनल जिसमें ऊपर बाईं तरफ तथा नीचे दायीं तरफ छोटे से बढ़ते आकार के अंक। बाईं ओर नोट के मुद्रण का वर्ष, स्लोगन सहित स्वच्छ भारत का लोगो, भाषा पैनल, एलोरा की गुफाओं का चित्र, देवनागरी मूल्यवर्ग अंक २०।
III. 50 रुपये का नोट
1975 147 x 73 मिमी अशोक स्तम्भ जिसके चारों ओर चक्र हैं. बैंगनी रंग जिसमें नीले, हरे और हल्के जामुनी रंग की आभा है। 50 का अंक गहरे भूरे रंग में। भाषा‑पैनल बांई ओर और दांई ओर अशोक स्तम्भ का प्रतीक। चारों कोनों को सफेद छोड़ते हुए, कागज के किनारे तक मुद्रण किया गया है। बैंगनी, भूरा और पीला रंग। बीच में संसद भवन। वाटरमार्क विन्डो हल्के बैंगनी रंग में, जिसके चारों ओर का सजावटी डिजाइन दूसरी ओर बने डिजाइन पर एकदम सही बैठता है।
1981 उक्त उक्त उभरा हुआ मुद्रण- गहरा नीला, पीला और लाल। अशोक स्तम्भ और भाषाएं गहरे बैंगनी रंग में तथा बाकी का नोट गहरे हरे और भूरे रंग में। अशोक स्तम्भ प्रतीक के नीचे सत्यमेव जयते। ड्राई‑ऑफसेट पीलापन लिए हुए भूरा तथा समूचा नोट गहरे जामुनी रंग में। संसद भवन पर झण्डा दिखाया गया है।
1997 उक्त विन्डो में महात्मा गांधी की छवितथा बहु-आयामी रेखाएँ पीला, नीला और बैंगनी रंग। अशोक स्तम्भ के स्थान पर नीले रंग में महात्मा गाँधी की छवि। सुरक्षा धागा नोट के भीतर पूर्णत: छिपा हुआ जिस पर ‘भारत’ और RBI' शब्द लिखे हुए हैं। वाटरमार्क के बाँए तरफ छोटी ठोस काली वर्गाकार आकृति, जो कमजोर नज़र वालों को नोट का मूल्यवर्ग पहचानने में मदद करती है। भारतीय संसद का समग्र दृश्य जिसके ऊपर फुलकारी बनाई गई है और किनारे की तरफ बारीक नक्काशी की गई है। नोट का मूल्य 15 भारतीय भाषाओं में दिया गया है।
2005 उक्त इस भाग में महात्मा गाँधी की छवि, बहु - आयामी रेखाएं और मूल्यवर्गीय 50 अंक दिखाने वाला इलेक्ट्रोटाइप वाटरमार्क हैं, जिन्हे बैंकनोट को रोशनी के सामने करके देखने पर अधिक अच्छी तरह से देखा जा सकता हैं। मशीन द्वारा पठनीय विंडोड डिमेटलाइज्ड क्लियर टेक्स्ट चुंबकीय सुरक्षा धागा जिसपर ‘भारत’ (हिंदी में) और ‘RBI’ लिखा है जो अल्ट्रावायलेट रोशनी में नोट का पृष्ठभाग व मुखपृष्ठ पीले रंग का चमकीला दिखायी पड़ता है। चौड़ाई - 1.4 मि.मी.।
हिंदी और अंग्रेजी में बैंक का नाम, रिज़र्व बैंक की मुहर, गारंटी और वचन खण्ड, बाईं ओर अशोक स्तंभ प्रतीक, तथा बैंक नोटों पर रिज़र्व बैंक के गवर्नर के हस्ताक्षर इन्टैग्लियो प्रिंटिंग में, अर्थात् मुद्रण में उभार और अधिक स्पष्ट दिखायी देता है। वाटरमार्क विंडो के बाईं ओर इन्टैग्लियो की गहरायी बढ़ाकर अर्थात् अधिक उभारदार एक वर्गाकार आकृति मुद्रित की गई है जो कमजोर नजर वालों को मूल्यवर्ग पहचानने में मदद करती है।
चमकीले रेशे दोहरे रंग के हैं। वाटरमार्क विंडो के तुरंत बाद एक खड़ी पट्टी के बीचोबीच नोट के मुखपृष्ठ (खाली) और उसके पृष्ठ भाग (भरा हुआ) पर मुद्रित एक छोटी फूलदार डिज़ाइन एक दूसरे पर एकदम इस प्रकार बैठ जाती हैं कि नोट को रोशनी के सामने करके देखने पर अंक एक ही दिखायी पड़ते हैं।
बैंक नोट की छपायी के दौरान ही उसके पृष्ठ भाग पर मुद्रण वर्ष डाल दिया गया है।
2012 उक्त उक्त उक्त

इसके अलावा, बैंकनोट के ऊपरी बायें और ऊपरी दायें कोने पर अंकित मूल्य के साथ, अग्र भाग पर प्रतीक की शुरुआत की गयी।
बैंकनोट में पृष्ठ भाग पर मुद्रण वर्ष बना रहेगा। इसके अलावा, बैंकनोट के ऊपरी बायें और ऊपरी दायें कोने पर अंकित मूल्य के साथ, पृष्ठ भाग पर प्रतीक की शुरुआत की गयी।
2015 उक्त उक्त उक्त

इसके अतिरिक्त, नए संख्या पटल में, जहां पहले तीन अक्षरांकीय संप्रतीक (उपसर्ग) आकार में अपरिवर्तनशील है, वहाँ अन्य अंक संख्या पटल में बायें से दायें की ओर आवर्धित फॉन्ट में मुद्रित है।
उक्त
2016 उक्त उक्त संख्या “50”, भा.रि.बैं. सील, महात्मा गांधी की छवि, भा.रि.बैं. लीजेंड, गारंटी तथा वचन खण्ड, गवर्नर के हस्ताक्षर, अशोक स्तम्भ प्रतीक जो अभी तक उभरी हुई मुद्रण (उभार मुद्रण) में थे, अब से ऑफसेट में मुद्रित होंगे (बिना किसी उभार मुद्रण के)। आगे, बैंक नोट के दायीं ओर वर्ग के आकृति का पहचान चिन्ह हटा दिया गया है।

यद्यपि, पश्च भाग के रंग में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, अग्र भाग का रंग हल्का है (उभार मुद्रण हटाने के कारण)।

अभी तक महात्मा गांधी की छवि के दायीं ओर एक लम्बवत बैंड में “50” मूल्यवर्ग का अंक दिखाते हुए एक लेटेंट इमेज थी। लेटेंट इमेज तभी दिखाई देती थी जब बैंक नोट को आँख के स्तर पर समानान्तर लाया जाए। यह विशेषता अभी नहीं है।
उक्त
2017 135 मिमी x 66 मिमी महात्मा गांधी (नई) शृंखला में रू. 50 मूल्यवर्ग का बैंक नोट जिसमें महात्मा गांधी की छवि तथा (50) का इलैक्ट्रोटाईप वाटरमार्क नोट का आधार रंग फ़्लोरोसेंट नीला है। मूल्यवर्ग अंक 50 के साथ आर पार मिलान देवनागरी में ५० मूल्यवर्ग अंक, मध्य में महात्मा गांधी की छवि, सूक्ष्म अक्षरों में ‘RBI’, ‘भारत’, ‘INDIA’ और ‘50’, ‘RBI’ और ‘भारत’ उत्कीर्ण लेखों के साथ विंडोड डिमेटलाइज्डसुरक्षा धागा महात्मा गांधी की छवि के दायीं तरफ गारंटी खंड, वचन खंड सहित गवर्नर के हस्ताक्षर तथा भा.रि.बैं. का प्रतीक, दायीं तरफ अशोक स्तम्भ का प्रतीक, महात्मा गांधी की छवि तथा इलैक्ट्रोटाईप वाटरमार्क (50), संख्या पैनल जिसमें ऊपर बाईं तरफ तथा नीचे दायीं तरफ छोटे से बढ़ते आकार के अंक। बाईं ओर नोट के मुद्रण का वर्ष, स्लोगन सहित स्वच्छ भारत का लोगो, भाषा पैनल, रथ के साथ हम्पी का चित्र, देवनागरी मूल्यवर्ग अंक ५०।
IV. 100 रुपये का नोट
1967 157x 73 मिमी. अशोक स्तम्भ नीला रंग। बीच में बड़े आकार में 100 का अंक। दाईं ओर अशोक स्तम्भ का प्रतीक। बायीं ओर खडे भाषाओं के पैनल में 14 भारतीय भाषाएँ। वृत्ताकार चौखट की पृष्ठभूमि में हीराकुंड बाँध का चित्र।
1969 उक्त उक्त नीला रंग और वचनखण्ड, गारण्टी‑खण्ड और गवर्नर के हस्ताक्षर द्विभाषी रूप में। वृत्ताकार चौखट की पृष्ठभूमि में सेवाग्राम आश्रम और उसमें बैठे महात्मा गाँधी का चित्र।
1975 उक्त अशोक स्तम्भ के साथ में चक्र उभरा हुआ मुद्रण। गहरा नीला साथ में नीले, भूरे, गुलाबी और गहरे हरे रंग की आभा। 100 का अंक गहरे नीले रंग में। वाटरमार्क विन्डो का रंग हल्का नीला। रिज़र्व बैंक का नाम, वचनखण्ड, गारण्टी‑खण्ड और गवर्नर के हस्ताक्षर द्विभाषी रूप में। भाषाओं का पैनल बांई ओर तथा दांईं ओर अशोक स्तम्भ का प्रतीक। चारों कोनों को सफेद छोड़ते हुए, कागज के किनारे तक मुद्रण किया गया है। उभरा हुआ मुद्रण। अनाज की गहरी नीली और भूरी छाया, कृषि कार्य, चाय के बागान, जल विद्युत परियोजना। वाटरमार्क विन्डो के चारों ओर बनी सजावटी आकृति दूसरी ओर बने डिजाइन में पूरी तरह से समा जाती है।
1979 उक्त उक्त एक ओर उभरा हुआ मुद्रण. नीला, लाल और गहरा हरा रंग। लाली और पीलापन लिए हुए हरे रंग की छाया। अशोक स्तम्भ के नीचे सत्यमेव जयते। ड्राइ‑ऑफसेट। काला और मरून रंग। हरापन लिए हुए नीले और भूरेपन की छाया।
1996 उक्त वाटरमार्क विन्डो में महात्मा गाँधी की छवि और बहु- दिशीय रेखाएं मुद्रण में उभारदार और ऑफसेट दोनों विधियों का प्रयोग किया गया है। समग्र रंग योजना में नीले, भूरे और हरे रंग की गहनता। महात्मा गाँधी की छवि। विंडोंड सुरक्षा धागा सामने की ओर से थोड़ा छिपा और थोड़ा दिखाई देता है, लेकिन अंदर से पूरी तरह से गुंथा हुआ है। इसपर "भारत" और "RBI" शब्द मुद्रित हैं। वाटरमार्क विन्डो के बाँई ओर काली ठोस तिकोनी आकृति उभरकर बनी हुई है जो कमजोर नज़र वालों को नोट का मूल्यवर्ग जानने में मदद करती है। मुख्य रुप से कंचनजंगा पर्वत शिखर का समूचा दृश्य चित्रित किया है जिसके चारों ओर फुलकारी और जरदोशी के डिजाइन बने हैं। बायीं ओर भाषाओं के पैनल में 15 भाषाओं में नोट का मूल्य लिखा हुआ है।
2005 उक्त इस भाग में महात्मा गाँधी की छवि, बहु - दिशीय रेखाएं और मूल्यवर्गीय 100 अंक दिखानेवाला इलेक्ट्रोटाइप मार्क हैं, जिन्हे बैंकनोट को रोशनी के सामने करके देखने पर अधिक अच्छी तरह से देखा जा सकता हैं। 100 रुपये के नोट में मशीन द्वारा पठनीय विंडोड डिमेटलाइज्ड क्लियर टेक्स्ट चुंबकीय सुरक्षा धागा जिसपर ‘भारत’ (हिंदी में) और ‘RBI’ लिखा है जो विशेष प्रकार से रंग बदलता है। अलग-अलग कोणों से देखने पर सुरक्षा धागा हरे से बदलकर नीला हो जाता है। अल्ट्रावायलेट रोशनी में नोट का पृष्ठभाग पीले रंग का चमकीला और मुखपृष्ठ पर अंकित पाठ चमकीला दिखायी पड़ता है। चौड़ाई - 2 मि.मी.।

इन्टैग्लियो प्रिंटिंग अर्थात् मुद्रण में उभार, हिंदी और अंग्रेजी में बैंक का नाम, रिज़र्व बैंक की सील, गारंटी और वचन खण्ड, बाईं ओर अशोक स्तंभ का प्रतिक तथा बैंक नोटों पर रिज़र्व बैंक के गवर्नर के हस्ताक्षर में और अधिक स्पष्ट दिखायी देता है। वाटरमार्क विंडो के बाईं ओर इन्टैग्लियो की गहरायी बढ़ाकर अर्थात् अधिक उभारदार एक त्रिकोण आकृति मुद्रित की गई है जो कमजोर नजर वालों को मूल्यवर्ग पहचानने में मदद करती है।

चमकीले रेशे दोहरे रंग के हैं। वाटरमार्क विंडो के तुरंत बाद एक खड़ी पट्टी के बीचोबीच नोट के मुखपृष्ठ (खाली) और उसके पृष्ठ भाग (भरा हुआ) पर मुद्रित एक छोटी फूलदार डिज़ाइन एक दूसरे पर एकदम इस प्रकार बैठ जाती हैं कि नोट को रोशनी के सामने करके देखने पर अंक एक ही दिखायी पड़ते हैं।
बैंक नोट की छपायी के दौरान ही उसके पृष्ठ भाग पर मुद्रण वर्ष डाल दिया गया है।
2011 उक्त उक्त उक्त

इसके अलावा, बैंकनोट के ऊपरी बायें और ऊपरी दायें कोने पर अंकित मूल्य के साथ, अग्र भाग पर प्रतीक की शुरुआत की गयी।
बैंकनोट में पृष्ठ भाग पर मुद्रण वर्ष बना रहेगा। इसके अलावा, बैंकनोट के ऊपरी बायें और ऊपरी दायें कोने पर अंकित मूल्य के साथ, पृष्ठ भाग पर प्रतीक की शुरुआत की गयी।
2015 उक्त उक्त उक्त

इसके अतिरिक्त, नए संख्या पटल में, जहां पहले तीन अक्षरांकीय संप्रतीक (उपसर्ग) आकार में अपरिवर्तनशील है, वहाँ अन्य अंक संख्या पटल में बाये से दायें की आवर्धित फॉन्ट में मुद्रित है।

इसके अतिरिक्त, मंद दृष्टि के लोगों के उपयोग हेतु, नोटों के अग्रभाग पर दाएँ तथा बाएँ कोनों में चार कोनेदार ब्लीड रेखाएँ मुद्रित है| पहचान चिह्न (त्रिकोण) का आकार भी 50% बढ़ाया है।
उक्त
2018 142 x66 मिमी महात्मा गांधी (नई) शृंखला में रू. 100 मूल्यवर्ग का बैंक नोट जिसमें महात्मा गांधी की छवि तथा (100) का इलैक्ट्रोटाईप वाटरमार्क मूल्यवर्ग अंक 100 के साथ आर पार मिलान। मूल्यवर्ग अंक 100 के साथ लेटेंट चित्र। देवनागरी में १०० मूल्यवर्ग अंक। मध्य में महात्मा गांधी की छवि। सूक्ष्म अक्षरों में ‘RBI’, ‘भारत’, ‘India’ और ‘100’। कलर बदलाव के सहित ‘RBI’ और‘भारत’ उत्कीर्ण लेखों के साथ विंडोड डिमेटलाइज्ड सुरक्षा धागा। नोट को तिरछा करके देखने पर धागे का रंग हरे रंग से नीले रंग में परिवर्तित होता है। महात्मा गांधी की छवि के दायीं तरफ गारंटी खंड, वचन खंड सहित गवर्नर के हस्ताक्षर तथा भा.रि.बैं. का प्रतीक। दायीं तरफ अशोक स्तम्भ का प्रतीक। महात्मा गांधी की छवि तथा (100) का इलैक्ट्रोटाईप वाटरमार्क। संख्या पैनल जिसमें ऊपर बाईं तरफ तथा नीचे दायीं तरफ छोटे से बढ़ते आकार के अंक पैनल। दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए महात्मा गांधी की छवि इंटेग्लियो या उभरी हुई छपाई में, अशोक स्तम्भ का प्रतीक, माइक्रो टेक्स्ट रू. 100 के साथ उभरा हुआ त्रिकोणीय पहचान चिन्ह, नोट के बाईं तथा दायीं दोनों तरफ चार कोणीय ब्लीड रेखाएँ। बाईं ओर नोट के मुद्रण का वर्ष, स्लोगन सहित स्वच्छ भारत का लोगो, भाषा पैनल, रानी की वाव का चित्र, देवनागरी मूल्यवर्ग अंक १००।
V. 200 रुपये का नोट – महात्मा गांधी (नई) शृंखला
2017 146 मिमी x 66 मिमी महात्मा गांधी (नई) शृंखला में रू. 200 मूल्यवर्ग का बैंक नोट जिसमें महात्मा गांधी की छवि तथा (200) का इलैक्ट्रोटाईप वाटरमार्क नोट का आधार रंग चमकीला पीला है। नोट के अग्र तथा पश्च दोनों भागों पर अन्य डिजाईन, ज्यामित्तीय पैटर्न हैं जिन्हें समग्र रंग योजना के साथ संरेखित किया गया है।

मूल्यवर्ग अंक 200 के साथ आर पार मिलान।

मूल्यवर्ग अंक 200 के साथ लेटेंट चित्र।

देवनागरी में २०० मूल्यवर्ग अंक।

मध्य में महात्मा गांधी की छवि।

सूक्ष्म अक्षरों में ‘RBI’, ‘भारत’, ‘India’ और ’200’।

कलर बदलाव के सहित ‘RBI’ और ‘भारत’ उत्कीर्ण लेखों के साथ विंडोड डिमेटलाइज्ड सुरक्षा धागा।

नोट को तिरछा करके देखने पर धागे का रंग हरे रंग से नीले रंग में परिवर्तित होता है। महात्मा गांधी की छवि के दायीं तरफ गारंटी खंड, वचन खंड सहित गवर्नर के हस्ताक्षर तथा भा.रि.बैं. का प्रतीक।

रूपये के प्रतीक के साथ मूल्यवर्ग अंक, नीचे दायीं ओर रंग बदलने वाली स्याही (हरे से नीला) में रू. 200।

दायीं तरफ अशोक स्तम्भ का प्रतीक

संख्या पैनल जिसमें ऊपर बाईं तरफ तथा नीचे दायीं तरफ छोटे से बढ़ते आकार के अंक पैनल

दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए
, महात्मा गांधी की छवि इंटेग्लियो या उभरी हुई छपाई में, अशोक स्तम्भ का प्रतीक, माइक्रो टेक्स्ट रू. 200 के साथ उभरा हुआ पहचान चिन्ह H, नोट के बाईं तथा दायीं दोनों तरफ लाईनों के बीच दो वृतों के साथ चार कोणीय ब्लीड रेखाएँ।
पृष्ठ भाग में सांची का स्तूप का चित्र है जो देश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। बाईं ओर नोट के मुद्रण का वर्ष, स्लोगन सहित स्वच्छ भारत का लोगो, भाषा पैनल, देवनागरी मूल्यवर्ग अंक २००।
VI. 500 रुपये का नोट-महात्मा गांधी (नई) शृंखला
2016 150 mm x 66mm महात्मा गांधी की छवितथा इलेक्ट्रोटाईप वाटरमार्क (500) महात्मा गांधी (नई) शृंखला में जारी किया गया है, रू. 500/-के बैंक नोट पूर्व के विनिर्दिष्ट बैंक नोट (एसबीएन) शृंखला से रंग, आकार, विषय, सुरक्षा विशेषताओं के स्थान तथा डिजाईन में अलग है। नोट का रंग पथरीला भूरा (स्टोन ग्रे) है। महात्मा गांधी की छविकी अभिमुखता तथा संबन्धित जगह में बदलाव किया गया है। देवनागरी मूल्यवर्ग अंक ५००। बैंक नोट में वे विशेषताएँ भी हैं जो नेत्रहीन व्यक्ति को मूल्यवर्ग की पहचान करने में सक्षम बनाता है(उभरी हुई छपाई में महात्मा गांधीकी छवि, अशोक स्तम्भ प्रतीक, उभारदार मुद्रण में दायीं तथा बाईं ओर पाँच कोणीय ब्लीड रेखाएँ, रू. 500 के साथ वर्तुल दायीं ओर तथा पहचान चिन्ह) नया विषय भारतीय ध्वज के साथ भारतीय विरासत स्थल लाल किला है।
पीछे की ओर मुद्रण वर्ष "2016" तथा स्वच्छ भारत लोगो छपा है। मध्य की तरफ 15 भाषा पैनल।
देवनागरी मूल्यवर्ग अंक ५००।
VII. 2000 रुपये का नोट-महात्मा गांधी (नई) शृंखला
2016 166 mm x 66mm महात्मा गांधी की छवि तथा इलेक्ट्रोटाईप वाटरमार्क (2000) महात्मा गांधी (नई) शृंखला में जारी किया गया है। नोट का आधार रंग गहरा गुलाबी (मेजेंटा) है। नोट में दोनों अग्र तथा पश्च भाग में अन्य डिजाईन, समग्र रंग योजना के साथ ज्यामितीय पैटर्न है।

मूल्यवर्ग अंक 2000 में आर पार मिलान।

मूल्यवर्ग संख्या 2000 के साथ लेटेंट चित्र।

देवनागरी में मूल्यवर्ग संख्या २०००।

मध्य में महात्मा गांधी की छवि।

बैंकनोट के दायीं तरफ सूक्ष्म अक्षर "RBI" तथा "2000"।

कलर शिफ्ट के साथ बैंक नोट पर 'भारत', 'RBI' तथा 2000 लिखा हुआ विंडोड सुरक्षा धागा। नोट को तिरछा करने पर सुरक्षा धागे का रंग हरे से नीले रंग में बदलता है।

गारंटी खंड, गवर्नर के हस्ताक्षर सहित वचन खण्ड तथा भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रतीक दायीं तरफ है।

रूपये चिन्ह के साथ मूल्यवर्ग अंक 2000 रंग परिवर्तक स्याही के साथ (हरे से नीला) दायीं तरफ नीचे।

महात्मा गांधी के चित्र के दायीं तरफ अशोक स्तम्भ प्रतीक तथा इलेक्ट्रोटाईप (2000) वाटरमार्क

संख्या पैनल में छोटे से बढ़ते आकार के अंक ऊपर बाईं तरफ तथा नीचे दायीं तरफ। नेत्रहीनों के लिए उभरी हुई छपाई में महात्मा गांधीकी छवि, अशोक स्तम्भ प्रतीक, ब्लीड रेखाएँ तथा पहचान चिन्ह।

दायीं तरफ उभरी हुई छपाई में 2000 के समस्तरीय आयत।

दायीं तथा बाईं तरफ उभरी हुई छपाई में सात कोणीय ब्लीड लाईने।
बायीं तरफ नोट के मुद्रण का वर्ष।

स्लोगन सहित स्वच्छ भारत लोगो।

भाषा पैनल मध्य की तरफ।

मंगलयान का चित्र जो देश की पहली अंतरग्रहीय अन्तरिक्ष पहल है, को दर्शाते हुए।

मूल्यवार अंक २००० देवनागरी में।

अनुलग्नक IX

वापस लिए गए परिपत्रों/ मास्टर निदेशों/ मास्टर परिपत्रों की सूची

क्रम संख्या परिपत्र संदर्भ संख्या दिनांक विषय
1. मुप्रवि(एफएनवीडी) सं. जी4/16.01.05/2025-26 01-04-2025 जाली नोटों पर मास्टर निदेश, 2025 – पहचान, रिपोर्टिंग और निगरानी (इस विषय पर पहले जारी किए गए मास्टर निदेश/ मास्टर परिपत्र भी शामिल हैं)
2. डीसीएम एफएनवीडी जी-7/16.01.05/17-18 15.01.2018 जाली नोटों की पहचान तथा जब्ती – एफआईआर दर्ज करना
3. डीसीएम एफएनवीडी सं 1134/16.01.05/2016-17 27.10.2016 जाली नोटों की पहचान तथा जब्ती
4. डीसीएम एफएनवीडी सं 776/16.01.05/2015-16 27.08.2015 जाली नोटों की पहचान – समीक्षा
5. डीसीएम एफएनवीडी सं 2165/16.21.005/2012-13 16.11.2012 जाली नोटो की पहचान तथा रिपोर्टिंग– मौद्रिक नीति 2012-13 का दूसरी तिमाही समीक्षा
6. डीसीएम एफएनवीडी सं 5063/16.02.22/2011-12 09.05.2012 जाली नोटो की पहचान तथा रिपोर्टिंग हेतु प्रक्रिया – मौद्रिक नीति – 2012-13
7. डीसीएम एफएनवीडी सं 502/16.01.05/2011-12 25.07.2011 जाली बैंक नोटों की पहचान करना – संशोधित प्रक्रिया
8. डीसीएम एफएनवीडी जी 18/16.01.01/2006-07 01.06.2007 मुद्रा तिजोरी विप्रेषण में बैंकों से प्राप्त जाली नोटों की पहचान करना
9. डीसीएम एफएनवीडी जी 37/16.08.08/2006-07 28.03.2006 बैंकों के एटीएम से निकले जाली नोटों की पहचान
10. डीसीएम एफएनवीडी जी 23/16.01.01/2005-06 07.12.2005 एटीएम के माध्यम से जाली नोट जारी करना – जाली नोट सतर्कता कक्ष का गठन
11. डीसीएम एफएनवीडी जी 3/16.02.03/2004-05 06.07.2004 जाली नोटों की पहचान – रसीद जारी करना
12. डीसीएम एफएनवीडी जी 31/16.01.01/2003-04 08.04.2004 जाली नोटों की पहचान – प्रस्तुतकर्ता को रसीद जारी करना
13. डीसीएम एफएनवीडी जी-16/16.01.01/2003-04 18.12.2003 एटीएम के माध्यम से जाली नोट जारी करना

1 नकली अथवा जाली भारतीय करेन्सी नोट (Counterfeit or Forged or Fake Indian Currency Notes)

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