वित्तीय बाजार

सुचारू ढ़ंग से कार्य करने वाले, चलनिधि युक्त और लचीले वित्तीय बाजार मौद्रिक नीति अंतरण और भारत के विकास के वित्तपोषण में अपरिहार्य जोखिमों के आवंटन और अवशोषण में सहायता करते हैं।

अधिसूचनाएं


ओटीसी डेरिवेटिव संविदाओं का नवीयन

आरबीआई/2026-27/263
विबाविवि.डीआईआरडी.सं.04/14.03.066/2026-27

22 सितंबर 2026

प्रति
सभी पात्र बाजार सहभागी

महोदया/ महोदय,

ओटीसी डेरिवेटिव संविदाओं का नवीयन

कृपया दिनांक 09 जुलाई 2025 की प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जारी भारतीय रिज़र्व बैंक (ओटीसी डेरिवेटिव संविदाओं का नवीयन) निदेश, 2025 के मसौदे का संदर्भ ग्रहण करें।

2. प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर, ओटीसी डेरिवेटिव संविदाओं से संबंधित अनुदेशों को अंतिम रूप दिया गया है। प्राप्त प्रमुख प्रतिक्रिया पर विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।

3. परिपत्रों/ अनुदेशों को समेकित करने के उद्देश्य से, ये अनुदेश ओटीसी विदेशी मुद्रा, ब्याज दर, सरकारी प्रतिभूतियों और क्रेडिट डेरिवेटिव संविदाओं को नियंत्रित करने वाले संबंधित अनुदेशों में निम्नानुसार सम्मिलित किए गए हैं और आज जारी किए जा रहे हैं।

ए. मास्टर निदेश – जोखिम प्रबंधन और अंतर-बैंक लेनदेन, दिनांक 05 जुलाई 2016 और समय-समय पर यथासंशोधित।

बी. मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (रुपया ब्‍याज दर डेरिवेटिव) निदेश, 2025, दिनांक 08 दिसंबर 2025 और समय-समय पर यथासंशोधित।

सी. भारतीय रिज़र्व बैंक (सरकारी प्रतिभूतियों में वायदा संविदा) निदेश, 2025, दिनांक 21 फरवरी 2025 और समय-समय पर यथासंशोधित।

डी. मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (क्रेडिट डेरिवेटिव) निदेश, 2026, दिनांक 25 जून 2026 और समय-समय पर यथासंशोधित।

4. ये अनुदेश इस परिपत्र के जारी होने की तारीख से या उसके बाद किए गए किसी भी नवीयन पर लागू होंगे।

5. ये निदेश भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45यू के साथ पठित अधिनियम की धारा 45डबल्यू के तहत प्रदत्त शक्तियों और इस संबंध में इसे सक्षम करने वाली सभी शक्तियों का प्रयोग करते हुए रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किए गए हैं।

भवदीया

(डिंपल भांडिया)
मुख्य महाप्रबंधक

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