गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियां

यद्यपि यह भूमिका हमारी गतिविधियों का एक ऐसा पहलू है, जिसके संबंध में स्‍पष्‍ट रूप से कहीं उल्‍लेख तो नहीं है, किंतु अति महत्‍वपूर्ण गतिविधियों की श्रेणी में इसकी गिनती की जाती है। इसके अंतर्गत अर्थव्‍यवस्‍था के उत्‍पादक क्षेत्रों को ऋण उपलब्‍धता सुनिश्चित करना, देश की वित्‍तीय मूलभूत संरचना के निर्माण हेतु संस्‍थाओं की स्‍थापना करना, किफायती वित्‍तीय सेवाओं की सुलभता बढ़ाना तथा वित्‍तीय शिक्षण एवं साक्षरता को बढ़ावा देना आदि शामिल हैं।

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भारतीय रिज़र्व बैंक ने "भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - ऋण सुविधा) संशोधन निदेश, 2026" के मसौदे पर टिप्पणियाँ आमंत्रित की

6 अगस्त 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने "भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - ऋण सुविधा)
संशोधन निदेश, 2026" के मसौदे पर टिप्पणियाँ आमंत्रित की

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आज "भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - ऋण सुविधा) संशोधन निदेश, 2026" का मसौदा जारी किया है। संशोधन निदेशों के मसौदे पर विनियमित संस्थाओं और अन्य इच्छुक हितधारकों से 28 अगस्त 2026 तक टिप्पणियाँ / प्रतिक्रिया आमंत्रित किए जाते हैं।

उक्त संशोधन निदेशों के मसौदे पर प्रतिक्रिया ‘कनेक्ट 2 रेगुलेट’ के माध्यम से या ईमेल द्वारा विषय पंक्ति "भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - ऋण सुविधा) संशोधन निदेश, 2026" के मसौदे पर प्रतिक्रिया" के साथ प्रस्तुत की जा सकती है।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/825

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