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भारतीय रिज़र्व बैंक ने वेल्यूफिन इंडिया क्रेडिट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

13 अगस्त 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने वेल्यूफिन इंडिया क्रेडिट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 11 अगस्त 2026 के आदेश द्वारा, वेल्यूफिन इंडिया क्रेडिट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘शेयरधारिता का अधिग्रहण अथवा नियंत्रण’ संबंधी कतिपय निदेशों के अननुपालन के लिए 1.80 लाख (एक लाख अस्सी हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

नए निवेशकों द्वारा कंपनी की चुकता इक्विटी पूंजी के 26 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी/नियंत्रण के अधिग्रहण हेतु कार्योत्तर अनुमोदन के संबंध में आरबीआई और कंपनी के बीच किए गए पत्राचार से यह ज्ञात हुआ कि कंपनी द्वारा आरबीआई के निदेशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। इसी आधार पर कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए। नोटिस पर कंपनी के उत्तर और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

कंपनी अपनी चुकता इक्विटी पूंजी के 26 प्रतिशत से अधिक की शेयरधारिता में बदलाव के लिए आरबीआई की पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करने में विफल रही थी।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

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