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भारतीय रिज़र्व बैंक ने हिंदुजा लेलेंड फाइनेंस लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

4 सितंबर 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने हिंदुजा लेलेंड फाइनेंस लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 2 सितंबर 2026 के आदेश द्वारा, हिंदुजा लेलेंड फाइनेंस लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘सूक्ष्म वित्त ऋणों का मूल्य निर्धारण’ और ‘मानक आस्तियों का प्रतिभूतीकरण' संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए 6.20 लाख (छह लाख बीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 बी(5)(एए) के साथ पठित धारा 58जी(1)(बी) के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

31 मार्च 2025 को कंपनी की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा कंपनी का सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और तत्संबंधी पत्राचार के आधार पर कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

नोटिस पर कंपनी के उत्तर, इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुए हैं, जिनके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

(i) कंपनी सूक्ष्म वित्त ऋणों के मूल्य निर्धारण हेतु बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति लागू करने में विफल रही।

(ii) कंपनी ने ‘कृत्रिम प्रतिभूतीकरण’ स्वरूप की गतिविधियां संचालित कीं।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

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