प्रेस प्रकाशनी

(317 kb )
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीआरआईएफ़ हाई मार्क क्रेडिट इन्फोर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक दंड लगाया

4 सितंबर 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सीआरआईएफ़ हाई मार्क क्रेडिट इन्फोर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर मौद्रिक
दंड लगाया

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दिनांक 31 अगस्त 2026 के आदेश द्वारा, सीआरआईएफ़ हाई मार्क क्रेडिट इन्फोर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (कंपनी) पर आरबीआई द्वारा जारी ‘ऋण सूचना के विलंबित अद्यतन/सुधार के लिए ग्राहकों को मुआवज़ा देने का ढांचा’ संबंधी निदेशों के कतिपय प्रावधानों के अननुपालन के लिए 6,89,600 (छह लाख नवासी हजार छह सौ रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, प्रत्यय विषयक जानकारी कंपनी (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 23(4) के साथ पठित धारा 25(1)(iii) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।

31 मार्च 2025 को कंपनी की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई द्वारा कंपनी का सांविधिक निरीक्षण किया गया। आरबीआई निदेशों के अननुपालन के पर्यवेक्षी निष्कर्षों और तत्संबंधी पत्राचार के आधार पर कंपनी को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उससे यह पूछा गया कि उक्त निदेशों के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।

नोटिस पर कंपनी के उत्तर, इसके द्वारा की गई अतिरिक्त प्रस्तुतियों और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक ने, यह पाया कि कंपनी के विरुद्ध निम्नलिखित आरोप सिद्ध हुआ है, जिसके लिए मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है:

कंपनी निर्धारित अवधि के भीतर कतिपय पात्र शिकायतकर्ताओं के बैंक खातों में मुआवजे की राशि जमा करने में विफल रही।

यह कार्रवाई, विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य कंपनी द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है। इसके अलावा, इस मौद्रिक दंड को लगाने से आरबीआई द्वारा कंपनी के विरुद्ध की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(ब्रिज राज)   
मुख्य महाप्रबंधक

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/1043

2026
2025
2024
2023
2022
2021
2020
2019
2018
2017
2016
2015
2014
2013
2012
पुरालेख