Reserve Bank of India

विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा ऋण में निवेश और ऋण चूक अदला-बदली की बिक्री की सीमाएं

आरबीआई/2026-27/07
ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं. 05

06 अप्रैल, 2026

सभी प्राधिकृत व्यक्ति

महोदया/महोदय,

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा ऋण में निवेश और ऋण चूक अदला-बदली की बिक्री की सीमाएं

प्राधिकृत व्यापारी श्रेणी-I (एडी श्रेणी-I) बैंकों का ध्यान दिनांक 17 अक्टूबर, 2019 की समय-समय पर यथासंशोधित अधिसूचना सं. फेमा.396/2019-आरबी द्वारा अधिसूचित विदेशी मुद्रा प्रबंध (ऋण लिखत) विनियमावली, 2019 की अनुसूची 1 और उसके तहत जारी प्रासंगिक निदेशों की ओर आकर्षित किया जाता है। दिनांक 07 जनवरी, 2025 के मास्टर निदेश – भारतीय रिज़र्व बैंक (ऋण लिखतों में अनिवासी निवेश) निदेश, 2025 [इसके पश्चात “मास्टर निदेश] और दिनांक 03 अप्रैल, 2025 के ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.01 का भी संदर्भ आमंत्रित किया जाता है।

2. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निवेश सीमाएं:

ए) 2026-27 के लिए, सामान्य मार्ग के तहत, सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक), राज्य सरकार प्रतिभूतियों (एसजीएस) और कॉर्पोरेट बांडों बॉन्ड में एफपीआई निवेश की सीमा प्रतिभूतियों के बकाया स्टॉक के क्रमशः 6 प्रतिशत, 2 प्रतिशत और 15 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहेगी।

बी) जी-सेक निवेश की समग्र सीमा में वृद्धिशील परिवर्तनों का आवंटन, 'सामान्य' और 'दीर्घकालिक' - इन दो उप-श्रेणियों में 50:50 के अनुपात में बरकरार रखा गया है।

सी) एसजीएस निवेश की समग्र सीमा में हुई संपूर्ण वृद्धि को एसजीएस की 'सामान्य' उप-श्रेणी में जोड़ दिया गया है।

डी) अभी तक की तरह, पात्र निवेशकों द्वारा 'विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों' में किए गए सभी निवेशों को पूर्णतया अभिगमयोग्य मार्ग (एफएआर) के तहत गिना जाएगा।

(ई) 01 अप्रैल, 2026 से, स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग के तहत सभी मौजूदा और भावी निवेश, सामान्य मार्ग के तहत एफपीआई निवेशों के लिए निर्धारित निवेश सीमाओं के गिने जाएंगे ।

3. विभिन्न श्रेणियों के लिए संशोधित समग्र सीमाएँ सारणी 1 में दी गई हैं:

सारणी 1: 2026-27 के लिए निवेश सीमा
सभी आंकड़े करोड़ में
  जी-सेक सामान्य जी-सेक दीर्घकालिक एसजीएस सामान्य एसजीएस दीर्घकालिक कॉर्पोरेट
बॉन्ड
कुल कर्ज
वर्तमान एफपीआई सीमाएँ 2,89,488 1,58,488 1,34,744 7,100 8,80,835 14,70,655
अप्रैल 2026-सितंबर 2026 छमाही के लिए संशोधित सीमा 2,96,745 1,65,745 1,45,943 7,100 9,36,113 15,51,646
अक्टूबर 2026-मार्च 2027 छमाही के लिए संशोधित सीमा 3,04,003 1,73,003 1,57,142 7,100 9,91,392 16,32,640

4. दिनांक 10 फरवरी, 2022 के ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.23 के अनुसार, एफपीआई द्वारा बेची गई ऋण चूक अदला-बदली (क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप) की कल्पित राशि की कुल सीमा कॉर्पोरेट बॉन्ड के बकाया स्टॉक का 5 प्रतिशत होगी। तदनुसार, 2026-27 के लिए 3,30,464 करोड़ की अतिरिक्त सीमा निर्धारित की गई है।

5. एडी श्रेणी-I बैंक इस परिपत्र की विषय-वस्तु को अपने संबंधित घटकों और ग्राहकों के ध्यान में लाएँ।

6. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा ऋण में निवेश और ऋण चूक अदला-बदली की बिक्री की सीमाओं को अधिसूचित करने वाले दिनांक 03 अप्रैल, 2025 के ए.पी. (डीआईआर सीरीज) परिपत्र सं.01 को वापस लिया जाता है।

7. इस परिपत्र में निहित निदेश विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 के 42) की धारा 10(4) और 11(1) के तहत जारी किए गए हैं और किसी अन्य कानून के अंतर्गत आवश्यक अनुमति/अनुमोदन, यदि कोई हो, के प्रति पूर्वाग्रह के बिना हैं।

भवदीया,

(डिम्पल भांडिया)
मुख्य महाप्रबंधक


Server 214
शीर्ष