आरबीआई/2026-27/256
एफआईडीडी.केंका.पीएसडी.बीसी.सं.10/04.09.001/2026-27
11 सितंबर 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र उधार – लक्ष्य और वर्गीकरण) तृतीय संशोधन निदेश, 2026
कृपया 07 अगस्त 2026 को जारी भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र उधार – लक्ष्य और वर्गीकरण) द्वितीय संशोधन निदेश, 2026 का संदर्भ लें, जिसमें यह उल्लेख किया गया था कि भारत में दिए गए निम्नलिखित अग्रिमों को समायोजित निवल बैंक ऋण (एएनबीसी) की गणना से छूट दी जाए:
क) दिनांक 08 जून 2026 और 30 सितंबर 2026 के बीच बैंकों द्वारा जुटाई गई न्यूनतम तीन वर्ष और अधिकतम पांच वर्ष (जिनके अंतर्गत परिपक्वता पर नवीकृत जमाराशियां भी शामिल हैं) की नवीन एफसीएनआर (बी) जमाराशियों पर दिए गए अग्रिम, और
ख) दिनांक 19 जून 2026 और 30 सितंबर 2026 के बीच बैंकों द्वारा जुटाई गई तीन वर्ष या उससे अधिक अवधि की एनआरई सावधि जमाराशियों (जिनके अंतर्गत परिपक्वता पर नवीकृत जमाराशियां भी शामिल हैं) पर दिए गए अग्रिम।
2. समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि उपर्युक्त छूटों के संबंध में उल्लिखित तारीख 30 सितंबर 2026 को 31 अगस्त 2026 के रूप में संशोधित किया जाए। तदनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक (प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र उधार – लक्ष्य और वर्गीकरण) निदेश, 2025 (07 अगस्त 2026 की स्थिति के अनुसार अद्यतन) में निम्नानुसार संशोधित किया गया है:
i. पैरा 6.1 में दी गई सारणी की मद सं. VI में निम्नानुसार आंशिक संशोधन किया जाएगा:
“भारतीय रिज़र्व बैंक के 08 जून 2026 और 19 जून 2026 25 अगस्त 2026 के भारतीय रिज़र्व बैंक (आरक्षित नकदी निधि अनुपात और सांविधिक चलनिधि अनुपात) द्वितीय और तृतीय चतुर्थ संशोधन निदेश, जैसा कि विभिन्न बैंकों के लिए लागू हैं, के अनुसार ऐसी एफसीएनआर (बी)/ एनआरई जमाराशियों (जिनके अंतर्गत परिपक्वता पर नवीकृत जमाराशियां भी शामिल हैं) के आधार पर भारत में प्रदत्त पात्र अग्रिम जो (आरक्षित नकदी निधि अनुपात (सीआरआर) और सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) अपेक्षाओं से छूट के योग्य हैं।
नोट: प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र संबंधी लक्ष्यों की गणना के लिए एएनबीसी से छूट दी जाने वाली राशि उपर्युक्त संशोधन निदेशों के अनुसार सीआरआर/ एसएलआर बनाए रखने से छूट के लिए योग्य नवीन बकाया एफसीएनआर (बी)/ एनआरई जमाराशियों से अधिक नहीं होगी।“
3. उक्त संशोधित तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
भवदीया,
(निशा नम्बियार)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक |