(01 अक्तूबर 2026 को अद्यतित किया गया)
वर्तमान में ई₹ के उपयोग का पायलट परीक्षण खुदरा (सार्वजनिक) और थोक (बैंक और अन्य संस्थान) खंडों में किया जा रहा है।
क. खुदरा सीबीडीसी
1. डिजिटल रुपया क्या है?
डिजिटल रुपया या ई₹, भारत की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) है। यह भारत की भौतिक मुद्रा, रुपया (₹) का डिजिटल रूप है। ई₹ को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा डिजिटल रूप में जारी किया जाता है और यह भौतिक मुद्रा के समतुल्य है। ई₹ में भौतिक नकदी के समतुल्य विशेषताएँ होती हैं जैसे कि उपयोग की सुविधा, आरबीआई की गारंटी, निपटान की अंतिमता, आदि। ई₹ को उपयोगकर्ता के डिजिटल वॉलेट में संग्रहित किया जाता है और इसका उपयोग पैसे प्राप्त करने/भेजने और/या लेनदेन के लिए भुगतान करने के लिए किया जा सकता है, ठीक उसी प्रकार से जैसे किसी भी भौतिक रुपया (₹) नोट का उपयोग होता है।
भारत के केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा का लोगो और टैगलाइन निम्नवत है:
2. ई₹, को कैसे रखा जा सकता है और इसका किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है?
ई₹ को बैंकों और गैर-बैंकों द्वारा व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) भुगतान या व्यक्ति-से-व्यापारी (पी2एम) लेनदेन के लिए पेश किए गए ई₹ वॉलेट के माध्यम से रखा और लेन-देन किया जा सकता है। कोई व्यक्ति प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से ई₹ ऐप डाउनलोड करके और ऐप निर्देशों का पालन करके ई₹ वॉलेट का उपयोग प्रारंभ कर सकता है। ई₹ वॉलेट का उपयोग करने के विस्तृत निर्देशों को वॉलेट प्रदान करने वाले बैंकों और गैर-बैंकों से जाँचा जा सकता है। व्यापारियों को भुगतान सीबीडीसी-क्यूआर कोड या संबंधित व्यापारी स्थान पर उपलब्ध यूपीआई-क्यूआर कोड को स्कैन करके किया जा सकता है।
3. ई₹ वॉलेट क्या है?
ई₹ वॉलेट एक डिजिटल वॉलेट है जिसे ग्राहक के मोबाइल फोन/डिवाइस पर खोला जा सकता है। ई₹ वॉलेट डिजिटल रुपए को स्टोर करता है, ठीक वैसे ही जैसे वॉलेट/पर्स में भौतिक मुद्रा को स्टोर किया जाता है। ई₹ वॉलेट वर्तमान में बैंकों और गैर-बैंकों द्वारा प्रदान किए जा रहे हैं, जो खुदरा सीबीडीसी पायलट का हिस्सा हैं।
4. क्या ई₹ वॉलेट सुरक्षित हैं?
ई₹ वॉलेट सुरक्षित और संरक्षित हैं। उपयोगकर्ताओं के वॉलेट में ई₹ की सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु, एक सुदृढ़ साइबर सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। ई₹ वॉलेट में संग्रहित ई₹ सुरक्षित रहता है क्योंकि यदि वह मोबाइल डिवाइस खो भी जाए, तो भी हम उसी फोन नंबर/सिम का उपयोग करके नए मोबाइल डिवाइस पर ई₹ वॉलेट को पुनः सक्रिय या पुनः प्राप्त कर सकते हैं।
5. वर्तमान में कौन सा मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम प्लेटफ़ॉर्म ई₹ वॉलेट का समर्थन करता है?
ई₹ वॉलेट एंड्रॉइड और आईओएस मोबाइल डिवाइस दोनों पर उपलब्ध और समर्थित है।
6. डिजिटल रुपया का निर्माण कैसे किया जाता है और उनको जारी कैसे किया जाता है?
खुदरा ई₹ का निर्माण और निर्गमन भौतिक मुद्रा जारी करने की व्यवस्था के समान है, अर्थात आरबीआई ई₹ का निर्माण करता है और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से बैंकों और गैर-बैंकों को जारी करता है। इसके पश्चात, बैंक और गैर-बैंक अपने ग्राहकों के लिए उनके मोबाइल फोन पर ई₹वॉलेट खोलने और उन्हें ऑनबोर्ड करने की सुविधा प्रदान करने के लिए जिम्मेदार हैं। दिसंबर, 2022 से खुदरा खंड (आम जनता के लिए) के अंतर्गत ई₹ जारी करना, वितरण और उपयोग लाइव है। देश भर में पहचाने गए पायलट बैंकों और गैर-बैंकों के उपयोगकर्ता और व्यापारी ई₹ का उपयोग कर सकते हैं।
7. ई₹ पायलट का लक्ष्य क्या है?
ई₹ पायलट सीमित पैमाने पर नियंत्रित रोल-आउट है, जिसका उद्देश्य ई₹ की तकनीक, वास्तुकला, मापनीयता, अनुप्रयोग, सुविधाएँ, उपयोग-मामले और स्वीकृति का परीक्षण करना है। इस पायलट का उद्देश्य ई₹ का निर्माण, वितरण, उपयोग आदि की पूरी प्रक्रिया की मजबूती का परीक्षण करना भी है।
8. ई₹ का उपयोग किसके द्वारा किया जा सकता है?
वर्तमान में, देश भर में निश्चित किए गए पायलट बैंकों और गैर-बैंकों के उपयोगकर्ता और व्यापारी ई₹ का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये ग्राहक बैंक या गैर-बैंक का ई₹ ऐप डाउनलोड करने के पश्चात, खुद को पंजीकृत कर सकते हैं तथा ई₹ वॉलेट का उपयोग प्रारंभ कर पायलट में भाग ले सकते हैं।
9. क्या बैंकिंग घंटों के बाहर किसी के बैंक खाते से डिजिटल रुपए का लेन-देन किया जा सकता है?
जी, हां। ई₹ को सप्ताह में 24 घंटे x 7 दिन, बैंक खाते से ई₹ वॉलेट में/ से लोड/रिडीम/ट्रांसफर किया जा सकता है।
10. क्या ई₹ वॉलेट खोलने/रखने के लिए कोई न्यूनतम शेष राशि आवश्यक है?
जी, नहीं। ई₹ वॉलेट खोलने/रखने के लिए कोई न्यूनतम शेष राशि आवश्यक नहीं है।
11. क्या खुदरा ग्राहकों द्वारा ई₹ का उपयोग करने के लिए बचत खाता अनिवार्य है?
वर्तमान में, ई₹ वॉलेट खोलना उपयोगकर्ता के बचत बैंक खातों से जुड़ा हुआ है। यह लिंकेज उपयोगकर्ता को बिना किसी परेशानी के ऑनबोर्डिंग की सुविधा प्रदान करता है और अलग से केवाईसी की आवश्यकता को खत्म करता है। फीडबैक और उपयोग के मामलों के आधार पर, उपयोगकर्ता ऑन-बोर्डिंग के नए मॉडल का अन्वेषण भी किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, प्रोग्रामेबल सीबीडीसी के उपयोग के मामलों के आधार पर, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए ऑन-बोर्डिंग मानदंड को संशोधित किया गया है, जो प्रोग्रामेबल सीबीडीसी/या कॉर्पोरेट सेगमेंट में इसी तरह के उपयोग के मामलों के माध्यम से सरकारी लाभ प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे उपयोगकर्ता मोबाइल और/या आधार नंबर प्रमाणीकरण के माध्यम से सीबीडीसी ऐप पर खुद को ऑन-बोर्ड कर सकते हैं। ऐसे उपयोगकर्ताओं के लिए, बचत बैंक खाता होना अनिवार्य नहीं है।
12. हमें वॉलेट में ई₹ अलग-अलग मूल्यवर्ग में क्यों दिखाई देता है?
उपयोग में सुलभता के लिए, ई₹ भौतिक मुद्रा के समान मूल्यवर्ग में उपलब्ध है। यह उपयोगकर्ताओं को भौतिक मुद्रा नोटों के उपयोग के समान ही परिचितता और सुविधा प्रदान करता है।
13. बिना आवश्यक मूल्यवर्ग या खुले पैसे के कोई व्यक्ति कैसे लेन-देन कर सकता है?
आवश्यक खुले पैसे उपलब्ध कराने की सुविधा सभी ई₹ वॉलेट में उपलब्ध है। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति किसी व्यापारी से ₹15 का सामान खरीदना चाहता है, लेकिन उसके ई₹ वॉलेट में केवल ₹20 मूल्यवर्ग उपलब्ध है, तो वह पैसे भेजते समय राशि फ़ील्ड में ₹15 दर्ज कर सकता है। ₹15 स्वचालित रूप से व्यापारी के खाते में जमा हो जाएँगे, तथा शेष ₹5 ई₹ वॉलेट में ही रहेंगे।
14. क्या ई₹ में दशमलव या भिन्नात्मक मान वाली राशि का भुगतान समर्थित है?
जी, हाँ, डिजिटल रुपया (ई₹) में दशमलव या भिन्नात्मक मान वाली राशि से संबंधित भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इसमें डिजिटल भुगतान मोड के माध्यम से किए गए पारंपरिक मुद्रा लेनदेन के समान, दो दशमलव स्थानों तक किसी भी राशि के लिए लेनदेन किया जा सकता है।
15. क्या ई₹ का उपयोग करने के लिए कोई शुल्क/फीस है?
ई₹ या ई₹ वॉलेट का उपयोग करने हेतु कोई शुल्क या फीस नहीं है।
16. ई₹ से संबंधित सहायता/शिकायतों के लिए किससे संपर्क किया जा सकता है?
उपयोगकर्ता अपने ई₹ वॉलेट ऐप के माध्यम से शिकायतें दर्ज करा सकते हैं या अपने ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
17. क्या ई₹ वॉलेट में शेष राशि पर ब्याज दिया जाएगा?
ई₹ की नकदी जैसी विशेषताओं को देखते हुए, वॉलेट शेष राशि पर कोई ब्याज देय नहीं है।
18. क्या ई₹ वैध मुद्रा है?
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) अधिनियम, 1934 की धारा 26 के अनुसार, प्रत्येक ई₹ बैंक नोट, उसमें अंकित राशि के भुगतान के लिए, भारत के किसी भी स्थान पर वैध मुद्रा के रूप में मान्य होगा तथा इसकी गारंटी केंद्र सरकार द्वारा दी जाती है। ई₹, बैंक नोट का डिजिटल रूप होने के कारण वैध मुद्रा है और यह भारतीय रिज़र्व बैंक की देयता है।
19. क्या ई₹ और यूपीआई में कोई अंतर है?
ई₹, रूपये का डिजिटल रूप है जबकि यूपीआई भुगतान का एक माध्यम है। भुगतान के लिए उपयोग किए जाने के अतिरिक्त, ई₹, 'मूल्य के भंडार' के रूप में भी कार्य करता है, अर्थात ई₹को किसी के बैंक खाते से निकाला जा सकता है और ई₹ वॉलेट में अलग से रखा जा सकता है।
किसी भी सीबीडीसी क्यूआर पर किए गए व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) या व्यक्ति-से-व्यापारी (पी2एम) भुगतान के मामले में, लेन-देन दो ई₹ वॉलेट के बीच होता है और उपयोगकर्ता के बैंक खातों से गुज़रे बिना तुरंत निपटाया जाता है। पी2पी और पी2एम भुगतान के लिए, ई₹ ऐप से यूपीआई क्यूआर को स्कैन करने की कार्यक्षमता भी सक्षम की गई है। ऐसे मामलों में, निपटान यूपीआई निपटान समयसीमा पर आधारित होगा।
20. ई₹ की ऑफ़लाइन सुविधा क्या है?
ई₹ की ऑफ़लाइन सुविधा उपयोगकर्ता को सीमित या बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले स्थानों पर लेनदेन करने में सक्षम बनाती है। इससे भौतिक नकदी के लाभों को प्रतिबिंबित करने की अपेक्षा है, जिससे यह दूरस्थ क्षेत्रों में उपयोग के लिए एक विश्वसनीय समाधान बन सकता है। वर्तमान में, विभिन्न समाधानों का अन्वेषण किया जा रहा है।
21. कौन से बैंक उपयोगकर्ताओं को ई₹ वॉलेट प्रदान कर रहे हैं?
वर्तमान में, 19 बैंक सीबीडीसी वॉलेट प्रदान कर रहे हैं। ऐप डाउनलोड करने के लिए नाम और लिंक नीचे उल्लिखित हैं।
| पायलट बैंक |
ऐप का नाम |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| एक्सिस बैंक |
एक्सिस मोबाइल डिजिटल रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| बैंक ऑफ बड़ौदा |
बैंक ऑफ बड़ौदा डिजिटल रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| बैंक ऑफ इंडिया |
बैंक ऑफ इंडिया डिजिटल रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| बैंक ऑफ महाराष्ट्र |
ई रूपी बाई बैंक ऑफ महाराष्ट्र |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| केनरा बैंक |
केनरा डिजिटल रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| फेडरल बैंक |
फेडरल बैंक डिजिटल रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| एचडीएफ़सी बैंक |
एचडीएफ़सी बैंक डिजिटल रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| आईसीआईसीआई बैंक |
डिजिटल रूपी बाई आईसीआईसीआई बैंक |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| आईडीबीआई बैंक |
आईडीबीआई ई रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| आईडीएफ़सी फ़र्स्ट बैंक |
आईडीएफ़सी फ़र्स्ट बैंक डिजिटल रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| इंडियन बैंक |
इंडियन बैंक डिजिटल रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| इंडसइंड बैंक |
डिजिटल रूपी बाई इंडसइंड बैंक |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| कर्नाटक बैंक |
कर्नाटक बैंक डिजिटल रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| कोटक महिंद्रा बैंक |
डिजिटल रूपी बाई कोटक बैंक |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| कोटक बैंक (मोबाइल बैंकिंग ऐप) |
एंड्रॉयड* |
आईओएस# |
| पंजाब नेशनल बैंक |
पीएनबी डिजिटल रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| भारतीय स्टेट बैंक |
ई-रूपी बाई एसबीआई |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| यूको बैंक |
यूको डिजिटल रूपी |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| यूनियन बैंक ऑफ इंडिया |
डिजिटल रूपी बाई यूबीआई |
एंड्रॉयड |
आईओएस |
| येस बैंक |
येस पे नेक्स्ट: यूपीआई, सीबीडीसी, बिल्स (मोबाइल बैंकिंग ऐप) |
एंड्रॉयड* |
आईओएस* |
*येस बैंक के मामले में, सीबीडीसी वॉलेट को नीचे दिए गए चरणों का पालन करके उनके एकीकृत एप्लिकेशन (ऊपर दिए गए लिंक) का उपयोग करके एक्सेस किया जा सकता है:
(i) ऐप में लॉग इन करें।
(ii) "माई डिजिटल रुपया वॉलेट" पर क्लिक करें।
(iii) उपयोगकर्ता सीबीडीसी होम पेज पर पहुंचेगा जहां उपयोगकर्ता सीबीडीसी लेनदेन (लोड मनी, मोबाइल के माध्यम से भुगतान करें, क्यूआर स्कैन करें और रिडीम विकल्प) शुरू कर सकता है।
# कोटक बैंक के मामले में, सीबीडीसी वॉलेट को उनके मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन (ऊपर दिए गए लिंक) का उपयोग करके नीचे दिए गए चरणों का पालन करके एक्सेस किया जा सकता है:
(i) ऐप में लॉग इन करें और होम पेज पर पाद लेख में 'मेनू' विकल्प पर क्लिक करें।
(ii) 'एक्सप्लोर प्रोडक्ट्स' पर क्लिक करें - पे सेक्शन के तहत 'डिजिटल रुपया' पर क्लिक करें।
(iii) उपयोगकर्ता सीबीडीसी होम पेज पहुंचेगा। |
ख. प्रोग्रामेबल सीबीडीसी
22. ई₹ की प्रोग्रामेबिलिटी विशेषता क्या है?
प्रोग्रामेबिलिटी विशेषता प्रायोजक इकाई (सरकार / कॉर्पोरेट) या उपयोगकर्ता को यह सुनिश्चित करने की अनुमति देती है कि सीबीडीसी वॉलेट में उपलब्ध राशि का उपयोग किसी विशिष्ट, निर्दिष्ट उद्देश्य के लिए ही किया जाए। इसे समाप्ति तिथि, भौगोलिक स्थान, मर्चेंट श्रेणी कोड, मर्चेंट वीपीए आदि जैसे विभिन्न मापदंडों पर प्रोग्राम किया जा सकता है।
23. प्रोग्रामेबल सीबीडीसी वॉलेट क्या है?
प्रोग्रामेबल सीबीडीसी वॉलेट एक डिजिटल वॉलेट है जिसका उपयोग अनुमोदित किए गए सरकारी या कॉर्पोरेट उपयोग के मामलों के लिए किया जाता है, जहां ई₹ को इसके उपयोग से संबंधित पूर्वनिर्धारित शर्तों के साथ जारी किया जाता है, जैसा कि उपरोक्त प्रश्न 22 में उल्लिखित है। इस तरह के वॉलेट को निर्दिष्ट उद्देश्यों के लिए लक्षित भुगतान की सुविधा हेतु डिज़ाइन किया गया है, जबकि लाभार्थियों को एक सरल डिजिटल इंटरफेस के माध्यम से ई₹ प्राप्त करने और उपयोग करने में सक्षम बनाता है।
24. मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे सामान्य प्रयोजन वाला सीबीडीसी या प्रोग्रामेबल सीबीडीसी प्राप्त हुआ है?
सीबीडीसी एप्लिकेशन स्पष्ट रूप से वॉलेट में उपलब्ध e₹ की प्रकृति दर्शाता है। जहां ई₹ किसी प्रोग्रामेबल सीबीडीसी उपयोग मामले के तहत जारी किया गया है, ऐसे फंड पर लागू प्रासंगिक शर्तें, यदि कोई हों, एप्लिकेशन के माध्यम से उपयोगकर्ता को प्रदर्शित की जाएंगी।
ग. थोक सीबीडीसी
25. थोक सीबीडीसी क्या है और यह खुदरा सीबीडीसी से कैसे भिन्न है?
थोक सीबीडीसी (ई₹- डबल्यू) वित्तीय संस्थानों और मध्यस्थों द्वारा उपयोग के लिए, मुख्य रूप से अंतर-बैंक निपटान और बड़े-मूल्य के लेनदेन को कारगर बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। यह एक प्रतिबंधित पारिस्थितिक तंत्र के भीतर कार्य करता है और प्रोग्रामिंग और स्मार्ट अनुबंधों की कार्यक्षमताओं का उपयोग करके थोक भुगतान प्रणालियों की दक्षता, गति और सुरक्षा को बढ़ाता है। थोक सीबीडीसी वित्तीय प्रणाली के बुनियादी ढांचे में सुधार और निपटान जोखिमों को कम करने पर केंद्रित है।
26. ई₹- डबल्यू के लाभ क्या हैं?
ई₹- डबल्यू में वित्तीय लेनदेन के लिए निपटान प्रणालियों को बदलने और उन्हें अधिक कुशल और सुरक्षित बनाने की क्षमता है। यह प्लेटफ़ॉर्म की प्रोग्रामेबिलिटी और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट सुविधाओं का लाभ उठाता है और निपटान जोखिम को कम करता है। केंद्रीय बैंक की मुद्रा के टोकनाइज्ड डिजिटल रूप होने के नाते, ई₹- डबल्यू टोकनीकृत वित्तीय बाज़ार पारितंत्र के लिए निपटान आधार के रूप में कार्य कर सकता है।
27. ई₹- डबल्यू सीबीडीसी पायलट में भागीदार कौन हैं?
वर्तमान में, ई₹- डबल्यू पायलट में कुल 16 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें बैंक और गैर-बैंक दोनों प्रकार की संस्थाएं सम्मिलित हैं।
28. ई₹-डब्ल्यू की उपयोग की स्थिति (मामले) क्या है और इसके क्या लाभ हैं?
वर्तमान में, ई₹-डब्ल्यू के चार उपयोग के मामले हैं, - (i) सरकारी प्रतिभूतियों में द्वितीयक बाजार लेनदेन के फंड निपटान,(ii) कॉल मनी मार्केट में अंतर-बैंक ऋण और उधार का निपटान (iii) जमा प्रमाणपत्रों (Certificate of Deposit) का टोकनाइज़्ड निर्गमन और निपटान, और (iv) कॉर्पोरेट बांड जारी करना और उसका निपटान करना। केंद्रीय बैंक की मुद्रा में निपटान से निपटान जोखिम को घटाने, निपटान गारंटी ढांचे या संपार्श्विक की आवश्यकता को कम करने तथा ई₹-डब्ल्यू की प्रोग्रामेबिलिटी और स्मार्ट अनुबंध क्षमताओं का लाभ उठाकर लेनदेन लागत में कमी आने की अपेक्षा है।
घ. सीबीडीसी और आस्ति टोकनाइज़ेशन (सीएटी) सैंडबॉक्स
29. सीबीडीसी और आस्ति टोकनाइज़ेशन (सीएटी) सैंडबॉक्स क्या है?
सीबीडीसी और आस्ति टोकनाइज़ेशन (सीएटी) सैंडबॉक्स का उद्देश्य खुदरा, थोक, सीमा पारीय और आस्ति टोकनाइज़ेशन के क्षेत्रों में भुगतान, निपटान तथा सीबीडीसी सक्षम वित्तीय सेवाओं में नवोन्मेष को बढ़ावा देना है। यह संस्थाओं को अंतः संचालनीयता (इंटरऑपरेबिलिटी), प्रोग्रामेबिलिटी तथा नए उपयोग मामलों का परीक्षण करने के लिए एक सुरक्षित, नॉन-लाइव वातावरण प्रदान करता है। सीएटी सैंडबॉक्स को नीतिगत निर्माण, तकनीकी डिज़ाइन को बेहतर करने तथा परिचालन सुदृढ़ता को बढ़ाने के लिए मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है।
30. संस्थाएं सीएटी सैंडबॉक्स तक कैसे पहुँच प्राप्त कर सकती हैं?
इच्छुक संस्थाएं सीएटी सैंडबॉक्स तक पहुँच प्राप्त करने के लिए अपना विस्तृत अनुरोध ईमेल के माध्यम से फिनटेक विभाग, आरबीआई को rbicbdcsandbox@rbi.org.in. प्रस्तुत कर सकती हैं। फिनटेक विभाग द्वारा आवेदन के मूल्यांकन और समुचित सावधानी तथा अन्य आवश्यक जानकारी के आधार पर आवेदक संस्था को सीएटी सैंडबॉक्स तक पहुंच प्रदान करने हेतु निर्णय लिया जाएगा। |